'यह सर्जिकल स्ट्राइक है ही नहीं'

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भारतीय सेना की टुकड़ी ने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में हमला कर जो चरमपंथियों को मारा है, उसे सर्जिकल स्ट्राइक कहना ग़लत है. यह सर्जिकल स्ट्राइक नहीं है. सर्जिकल स्ट्राइक परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से जुड़ी बात होती है.

भारतीय सेना ने जो कुछ किया है, वह दरअसल यह 'क्रॉस बोर्डर एक्शन' है.

इस तरह के एक्शन पहले भी होते रहे है. दोनों ही सेनाएं इस तरह के काम करती रहती है. यह लगभग रोज़ाना होता है. इसमें नया कुछ नहीं है.

इस बार सेना का यह एक्शन बड़ा हुआ और एक हमले के बाद किया गया था.

(सुनें )

सेनाएं छोटे मोटे स्ट्राइक रोज़ाना करती है. जब सरकारी अनुमति के बाद इस तरह की कार्रवाई की जाती है और गहराई में जा कर होती है तो मामला बड़ा हो जाता है. इस बार यही हुआ है. मुझे पता है कि हमला कहां हुआ है और कैसे हुआ है.

इस बार यह बात राजनीतिक क्षेत्र में आ गई है, यह सरासर गलत है. इसमें सेना को घसीटा जा रहा है जो ग़लत है.

इस मुद्दे पर सरकार या सेना को कोई सबूत देने की कोई ज़रूरत नहीं है.

यदि आप सबूत दे भी दें, आप वीडियो ही दिखा दें और लोग कहें कि यह फ़र्जी है तो आप क्या कर लेंगे?

यह मुद्दा सरकार और विपक्ष के बीच की राजनीतिक लड़ाई है. विपक्ष सराकर पर आरोप लगा रहा है और सरकार कुछ साबित करने की कोशिश में है.

लोग सेना पर नहीं राजनेताओं पर संदेह कर रहे हैं. लेकिन फिर भी सबूत देने की या कुछ साबित करने की कोई ज़रूरत नहीं है.

(बीबीसी संवाददाता नितिन श्रीवास्तव से बातचीत पर आधारित)

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