वॉट्सएप पोस्ट को लेकर गिरफ़्तार युवक की मौत

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झारखंड के जामताड़ा ज़िले में पुलिस हिरासत में युवक की मौत की जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

मिनहाज अंसारी नाम के इस व्यक्ति को वॉट्सएप पर कथित तौर पर एक आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर हिरासत में लिया गया था.

ये पोस्ट एक धर्म विशेष के बारे में थी.

राज्य सरकार के आदेश पर युवक के घर वालों को दो लाख बीस हज़ार रुपए का मुआवज़ा भी दिया गया है.

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जामताड़ा के उपायुक्त रमेश कुमार दुबे ने बताया कि ज़िले के एसडीएम और डीएसपी को जांच की ज़िम्मेदारी दी गई है और तीन दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है.

मिनहाज अंसारी के घर वालों ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तार किए जाने के बाद उनकी पुलिस ने बहुत पिटाई की थी.

तब रविवार की रात इलाज के दौरान रांची के सरकारी अस्पताल रिम्स में अंसारी की मौत हो गई.

मिनहाज अंसारी जामताड़ा के नारायणपुर थाना क्षेत्र के एक छोटे से गांव दिघारी के रहने वाले थे.

उनकी मौत की ख़बर के बाद गांव में तनाव है, हालांकि पुलिस के मुताबिक़ स्थिति नियंत्रण में है.

जामताड़ा के पुलिस उपायुक्त ने कहा, "मारपीट और प्रताड़ना के मामले में मिनहाज अंसारी के घर वालों के आवेदन पर पुलिस ने नारायणपुर के थाना प्रभारी के ख़िलाफ़ मुक़दमा भी दर्ज कर लिया है."

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हालांकि जामताड़ा के डीएसपी पूज्य प्रकाश ने इस मामले में पुलिस का बचाव करते हुए कहा, "गिरफ़्तारी के बाद युवक की तबीयत ख़राब होने पर पहले जामताड़ा में उसका इलाज कराया गया. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए धनबाद भेजा गया फिर स्थिति बिगड़ने पर रांची रेफ़र किया गया था."

डीएसपी के मुताबिक़ धनबाद के अस्पताल में मिनहाज के परिजनों ने नारायणपुर थाना प्रभारी पर भी हमला कर दिया था, उस मामले में भी पुलिस की ओर से एक केस दर्ज किया गया है. हमले में घायल थाना प्रभारी का फ़िलहाल इलाज चल रहा है.

पुलिस के अनुसार चार अक्तूबर को वॉट्सएप पर 'आपत्तिजनक पोस्ट' करने के आरोप में युवक को गिरफ़्तार किया गया था.

डीएसपी ने बताया है कि पूरे मामले में जांच शुरू है और उस इलाक़े में अतिरिक्त पुलिस बलों की तैनाती की गई है.

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