कश्मीर में करीब 60 घंटों के बाद समाप्त हुआ अभियान

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भारत प्रशासित कश्मीर के पाम्पोर में चरमपंथियों के साथ चल रही मुठभेड़ समाप्त हो गई है जिसमें दो चरमपंथी मारे गए हैं.

करीब साठ घंटों तक चली इस मुठभेड़ में दो चरमपंथी मारे गए लेकिन सिर्फ दो चरमपंथियों ने करीब साठ घंटे तक सेना को रोके रखा.

पंपोर की सात मंजिला इस इमारत में चरमपंथी छिपे हुए थे और संभवत उन्होंने पूरी इमारत में बारूद बिछा दिया था.

कश्मीर से बीबीसी के संवाददाता रियाज़ मसरूर ने बताया है कि अब सेना ने इमारत को अपन नियंत्रण में कर लिया है.

सेना की ओर से कहा गया है कि इस मुठभेड़ में अब तक दो चरमपंथियों की मौत हो चुकी है और सेना के जवान अब इमारत में प्रवेश कर चुके हैं.

एक चरमपंथी की मौत सोमवार को हुई थी, जबकि दूसरा चरमपंथी आज मारा गया. सेना ने अपने अभियान में 50 रॉकेट, मशीन गन और सैकड़ों ग्रेनेड बमों का इस्तेमाल किया है.

मुठभेड़ के शुरुआती दौर में, सेना का एक जवान जख़्मी हो गया था, इसके बाद उस यूनिट को लगाया गया जिसने पिछले महीने पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया.

ये मुठभेड़ श्रीनगर से 15 किलोमीटर दूर इंटरप्रिन्योर डेवलपमेंट इंस्टीच्यूट की इमारत में चल रही थी, जहां युवा कश्मीरियों को वोकेशनल पाठ्यक्रमों का प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन बीते तीन महीने से इंस्टीच्यूट बंद है.

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सेना के सूत्रों के मुताबिक संभावित तीसरे चरमपंथी की तलाश अब ख़त्म हो चुकी है और अब सेना के जवान इमारत के अंदर लगाए गए विस्फोटकों को डिफ्यूज़ कर चुके हैं.

सेना के अधिकारियों के मुताबिक चरमपंथियों ने सात मंजिली इमारत में बंकर जैसी सुरक्षा व्यवस्था कर रखी थी. इमारत में कई हिस्सों में कई बार आग लगी लेकिन चरमपंथी तब भी बार नहीं निकले.

इसी इमारत को फरवरी महीने में भी चरमपंथियों ने निशाना बनाया था, तब पांच सैनिक और एक आम नागरिक की मौत हुई थी. उस हमले में तीन चरमपंथी मारे गए थे.

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