‘मिनहाज को पुलिस ने मारा, उसे मौत की सजा हो’

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Image caption मिनहाज अंसारी की पत्नी मोहिदा बेगम और बेटी

झारखंड के जामताड़ा में कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मारे गए मिनहाज अंसारी की पत्नी ने 'पिटाई करने वाले' पुलिस सब इंस्पेक्टर को फांसी की सज़ा देने की मांग की है.

मिनहाज अंसारी की पत्नी मोहिदा बेगम ने बीबीसी से कहा, ''पुलिस ने मेरे पति को पीट-पीट कर मार डाला. पीटने वाले सब इंस्पेक्टर पर हत्या का मुकदमा चलाकर फांसी देनी चाहिए. मेरी आठ महीने की बेटी है. अब मेरा और उसका कौन है. हमारा पेट कैसे पलेगा.''

नारायणपुर थाने के दिघारी गांव के 25 साल के मिनहाज अंसारी की पिछले दिनों पुलिस हिरासत में मौत हुई थी. वह मोबाइल की एसेसरीज़ की दुकान चलाते थे.

पुलिस का कहना है कि 'ज्योति क्लब जुम्मन मोड़' नामक व्हाट्सएप ग्रुप पर 2 अक्तूबर की देर रात मिनहाज ने कुछ तस्वीरें पोस्ट की थीं. इनमें वो मांस के टुकड़े के पास बैठा था, इसे पुलिस बीफ़ मानती है.

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Image caption दिघारी गांव के मिनहाज अंसारी की मौत पुलिस हिरासत में हुई थी.

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद से जुड़े सोनू सिंह ने इसके बीफ़ होने और इससे हिंदुओं की भावनाएं भड़कने की सूचना दी थी.

सोनू सिंह के उपलब्ध कराए गए स्क्रीन शॉट के आधार पर नारायणपुर थाने के प्रभारी हरीश पाठक ने मिनहाज के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किया.

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Image caption दिघारी में मिनहाज अंसारी के चाचा कादिर मियां.

दिघारी में मिनहाज अंसारी के चाचा कादिर मियां ने बीबीसी से कहा, '' इसकी गारंटी कौन लेगा कि जिस मांस को बीफ़ मानकर पुलिस ने मिनहाज को गिरफ्तार किया वह आख़िर बीफ़ है भी या नहीं.''

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की पिटाई से मिनहाज की हालत काफी खऱाब हो गयी थी. जामताड़ा सदर अस्पताल के डाक्टरों ने उसे धनबाद रेफऱ कर दिया. वहां के डाक्टरों ने उसे रांची ले जाने की सलाह दी. जहां रिम्स में इलाज के दौरान मिनहाज की मौत हो गयी.

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Image caption मिनहाज अंसारी की मां उझेला बीबी ने कहा कि पूरा परिवार मिनहाज पर निर्भर था.

मिनहाज अंसारी की मां उझेला बीबी ने बताया, ''उनकी छह संतानों में मिनहाज सबसे बड़ा था. उसकी कमाई की बदौलत ही पूरे परिवार की रोटी-दाल का जुगाड़ होता था. पति बूढ़े हैं, तो अब घर में काम करने वाला कोई नहीं बचा. हमारे भीख मांगने या भूखे मरने की नौबत आ गयी है. ''

उन्होंने बीबीसी से कहा ," पुलिस 3 अक्तूबर की आधी रात हमारे घर पहुंची. घर पर पथराव शुरू कर दिया. दरवाजा खुलते ही पुलिसवाले घर में घुस गए. मेरी बेटी और बहू को गंदी-गंदी गालियां दी. फिर पेटी का ताला तोड़कर लैपटाप, सिम कार्ड, बाइक पैसे आदि लेकर चले गए. उन लोगों ने फ़ोन पर मिनहाज से बात करायी, तो वह रो रहा था. उसने बताया कि उसे बुरी तरह पीटा गया है. इसलिए पुलिस को सामान ले जाने से मत रोकें. ''

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Image caption मिनहाज अंसारी का परिवार

इधर, नारायपुर पुलिस ने इस मामले में दो रिपोर्ट दर्ज की है. एक रिपोर्ट तत्कालीन थाना प्रभारी हरीश पाठक के बयान के आधार पर दर्ज की गयी है.

इसमें मिनहाज पर हिंदुओं की भावनाएं भड़काने वाली बीफ की तस्वीर को व्हाट्सएप पर डालने का आरोप है.

दूसरी रिपोर्ट मिनहाज अंसारी के पिता उमर मियां ने दर्ज करायी है. इसमें उन्होंने थाना प्रभारी हरीश पाठक पर अपने बेटे की हत्या का आरोप लगाया है.

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Image caption नारायपुर थाने के नए प्रभारी सुरेंद्र प्रसाद.

जामताड़ा के एसपी मनोज सिंह ने हरीश पाठक को निलंबित कर दिया है.

नारायपुर थाने के नए प्रभारी के तौर पर सुरेंद्र प्रसाद ने बीबीसी को बताया कि थाने में पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं पहुंची है. उसके मिलने के बाद स्पष्ट तौर पर कुछ कहा जा सकेगा.

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