गौरक्षा पर केंद्र और 6 राज्य सरकारों को नोटिस

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सुप्रीम कोर्ट में आज गौरक्षा के मुद्दे पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई. जस्टिस दीपक मिश्रा और अमिताभ राय की बेंच ने केंद्र सरकार और छह प्रांतों की सरकारों को सात नवंबर तक जवाब देने का नोटिस दिया है.

इस मामले में याचिकाकर्ता शहज़ाद पूनावाला ने बीबीसी को बताया, "याचिका में हमने अदालत से गौरक्षा के नाम पर दलितों और मुसलमानों पर हो रहे अत्याचार रोकने की मांग की है."

उन्होंने बताया, "हमने अदालत से गौरक्षा के नाम पर हिंसा करने वाले संगठनों को प्रतिबंधित करने और इनके द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो का संज्ञान लेकर जांच कराने की मांग भी की है."

पूनावाला कहते हैं, "इन संगठनों पर इसी तरह पाबंदी लगनी चाहिए जिस तरह सिमी पर लगी है."

उन्होंने कहा, "भारत के कई राज्यों में गौरक्षा दलों को सरकारी मान्यता प्राप्त हैं, इसे भी समाप्त करने की मांग हमने अदालत से की है."

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अदालत ने याचिका को सुनवाई के लिए मंज़ूर करते हुए केंद्र सरकार समेत गुजरात, राजस्थान, झारखंड, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक को सात नवंबर तक जवाब दाख़िल करने के लिए कहा है.

इस याचिका पर अगली सुनवाई सात नवंबर को होगी.

गुजरात के उना में कथित गौरक्षकों के हाथों दलितों की पिटाई का वीडियो सामने आने के बाद गौरक्षक दलों के ख़िलाफ़ व्यापक आंदोलन हुआ था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने संबोधन में कहा था कि कुछ लोग गौरक्षा के नाम पर अपनी दुकान चला रहे हैं.

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