मुझ पर लगे आरोप मनगढ़ंत हैं: वरुण गांधी

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भारतीय जनता पार्टी के सांसद वरुण गांधी ने खुद पर लगे आर्म्स डील के लिए जानकारी लीक करने के आरोपों का खंडन किया है.

वरुण गांधी पर आरोप लगे हैं कि हनी ट्रैप के ज़रिए उन्हें फंसाया गया और फिर उन्होंने हथियार निर्माताओं को रक्षा मामलों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां लीक की थीं.

वरुण गांधी ने शनिवार को अपने ट्विटर हैंडल पर देशवासियों के नाम एक चिट्ठी जारी कर कहा है कि उन पर लगाए गए आरोप "निराधार तथा मनगढ़ंत" हैं.

अमरीकी व्हिसल ब्लोअर एडमंड्स एलेन ने कथित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे अपने पत्र में यह आरोप लगाया था कि वरुण गांधी को रक्षा समिति से जुड़ी जानकारियां देने के लिए ब्लैकमेल किया गया था, क्योंकि उनकी तस्वीरें विदेशी एस्कॉर्ट महिलाओं के साथ खींची गई थीं.

गुरुवार को स्वराज अभियान के नेताओं योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने वरुण गांधी पर आरोप लगाया था कि हनी ट्रैप में फंस कर वरुण गांधी ने आर्म्स डीलर अभिषेक वर्मा को महत्वपूर्ण रक्षा जानकारियां दी थीं.

प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव ने न्यूयार्क के वकील एडमंड्स एलेन के उस पत्र को सार्वजनिक कर दिया था जो उन्होंने पीएमओ को भेजा था.

इन आरोपों के जवाब में वरुण गांधी ने शनिवार को दो पन्नों की चिट्ठी में लिखा है कि वो सी एडमंड्स एलेन से "कभी भी नहीं मिले" हैं.

उन्होंने लिखा कि प्रेस में एलेन को अभिषेक वर्मा का एक पूर्व सहयोगी बताया जा रहा है जिनसे उनकी "पहली मुलाक़ात इंग्लैंड में हुई थी" जब वो वहां एक छात्र के रूप में रह रहे थे.

वरुण ने माना कि वो कई बार अभिषेक वर्मा से मिले हैं लेकिन उनका कहा कि किसी भी समय उन्होंने ना तो अपने और ना ही उनके काम की चर्चा की.

उन्होनें लिखा है, "मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एलेन और वर्मा के कुछ व्यापारिक लेन-देन संबंध थे जो बिगड़ गए थे. ऐसा प्रतीत होता है कि अब एलेन अपने पूर्व सहयोगी के प्रति आरोपों के लिए अधिकतम प्रचार करना चाहते हैं. वह मेरे जैसी सार्वजनिक हस्तियों के नाम ले रहे हैं जिससे उनकी शिकायतों पर जनता का ध्यान जाए."

वरुण ने सफाई दी है "मैं वर्ष 2009 से रक्षा संबंधी स्थायी समिति और रक्षा परामर्शदात्री समिति दोनों का सदस्य हूं. रिकार्डों से यह पुष्टि हो जाएगी कि मैंने रक्षा परामर्शदात्री समिति की किसी बैठक में भाग नहीं लिया है और स्थायी समिति की भी बहुत कम बैठकों में भाग लिया है. स्पष्टत: मैं ना तो कोई सूचना प्राप्त कर रहा था और न ही इसे आगे किसी को दे रहा था."

उन्होंने लिखा, "फिर भी जैसा कि कोई भी संसदविद जानता है कि स्थापित संसदीय प्रक्रिया के अनुसार ऐसे पैनलों को कभी भी कोई 'गोपनीय या अति गुप्त' जानकारी उपलब्ध नहीं करवाई जाती."

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Image caption गुरुवार को स्वराज अभियान के नेताओं योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण ने वरुण गांधी पर आरोप लगाया था कि हनी ट्रैप में फंस कर उन्होंने आर्म्स डीलर अभिषेक वर्मा को महत्वपूर्ण रक्षा जानकारियां दी थीं. अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने एडमंड्स एलेन का पत्र भी जारी किया था.

उन्होंने लिखा कि एलेन ने "स्वयं अपने पत्र में कहा है कि ये सभी आरोप काफी समय पहले ही सीबीआई को प्रस्तुत किए जा चुके हैं.... व्यापक जांच की गई है, जिसके आधार पर आरोप पत्र भी दायर किए जा चुके हैं. किसी भी कार्यवाही में मेरा नाम नहीं आया है, न ही किसी क्षमता में मेरे लिप्त होने का कोई संकेत मिला है."

वरुण ने लिखा, "यह सुझाव हास्यास्पद होगा कि मुझे 'ब्लैकमेल' किया गया था क्योंकि मैंने कुछ ग़लत नहीं किया है. निर्वाचित विपक्षी दल के सांसद के रूप में मेरी गोपनीय जानकारी तक पहुंच ही नहीं थी इसे लीक करने की तो बात ही छोड़ दीजिए."

इस बीच, इलाहाबाद से बीजेपी सांसद श्यामाचरण गुप्ता ने वरुण गांधी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है.

श्यामाचरण गुप्ता ने कहा कि अगर वरुण गांधी पर लगे आरोपों में सच्चाई है, तो उनके ख़िलाफ़ पार्टी को कार्रवाई करनी चाहिए.

हालांकि, सांसद श्यामाचरण गुप्ता और वरुण गांधी के बीच पिछले साल से ही विवाद चल रहा है.

यह विवाद उस समय शुरु हुआ जब वरुण गांधी का नाम उत्तरप्रदेश के संभावित सीएम प्रत्याशी के तौर पर उभरकर सामने आया था.

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