'मनसे को सलाह दूंगी कि वो विरोध नहीं चैरिटी करें !'

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Image caption स्वरा भासकर

अपने तीखे तेवरों और सीधी बात कहने के लिए मशहूर अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक लाईव में कहा कि वो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना जैसी पार्टियों से उम्मीद करती हैं कि वो फ़िल्मों का विरोध करने की बजाए उड़ी हमले में मृत सैनिकों के परिवारों की मदद करते तो बेहतर होता.

अपनी नई वेब सीरीज़ 'ईट्ज़ नॉट दैट सिंपल' के लिए बीबीसी से मिलने आई स्वरा ने कहा,"मैं हमेशा से अपने विचारों को खुल कर रखती हूं, मेरे परिवार वालों को कई बार डर भी लगता है कि कहीं इतना खुल कर बोलने के चलते मैं किसी मुसीबत में फंस न जाऊं लेकिन मुझे डर नहीं लगता."

स्वरा ने कहा, '' हमारे देश में ऐसा बहुत कुछ हो रहा है जिसपर हमें गुस्सा आना चाहिए जैसे दादरी में अख़लाक की हत्या. क्या किसी को बीफ़ खाने पर मार देना चाहिए ? या जिस तरह आमिर और शाहरुख़ खान पर असहिष्णुता को लेकर हमला किया गया, उना में दलितों की पिटाई, रोहित वेमूला और अभी हाल में जिस तरह से फ़िल्म इंडस्ट्री के कुछ लोगों पर दबाव डाला जा रहा है कि वो अपनी फ़िल्म रीलीज़ न करें, करें तो 5 करोड़ रुपए दें, ये क्या है? ये तो सरासर हफ़्ता वसूली है. क्या ये हमारे संविधान के अनुसार है? क्या इस पर आपको गुस्सा नहीं आना चाहिए ?"

वो आगे जोड़ती हैं,"एक कलाकार होने के नाते मुझे गुस्सा आता है क्योंकि मैं अपने संविधान का सम्मान करती हूं, अपने देश से प्यार करती हूं और एक कलाकार होने के नाते मेरा विश्वास है कि एक कलाकार तभी अच्छा काम कर सकता है जहां उसे इस बात का भय न हो कि उससे पलट कर सज़ा तो नहीं दी जाएगी."

स्वरा चिंतित हैं कि लोगों का ध्रुवीकरण हो रहा है, उनके गुट बन गए हैं जो किसी एक पार्टी, किसी एक धर्म का समर्थन कर रहे हैं लेकिन एक दूसरे को सुनने के लिए तैयार नहीं है.

स्वरा को उन लोगों से भी कोई फ़र्क नहीं पड़ता जो उन्हें किसी विचारधारा या पार्टी से जोड़ते हैं या स्टंटबाज़ मानते हैं, "देखिए लोगों का काम कहना है और वो कहेंगे लेकिन मैं अभिनेत्री बनने से पहले भी ऐसी ही थी अभी भी ऐसी ही हूं और ऐसी ही रहूंगी."

सेंसरशिप का अक्सर विरोध करने वाली स्वरा अब एक वेब सीरीज़ में दिखाई देंगी जिसका नाम है 'ईट्ज़ नॉट दैट सिंपल', "देखिए वेब एक ऐसा माध्यम है जो अभी भी सेंसर के शिकंजे से बचा हुआ है और यही कारण है कि वॉयकॉम के साथ मिल कर हम ऐसी एक कहानी आपके सामने ला पा रहे हैं."

विवाहेत्तर संबंध, युवा दंपति के बीच के तनाव जैसी बोल्ड सब्जेक्ट पर बने इस शो को करने के पीछे का कारण स्वरा इस शो की सच्चाई को भी मानती हैं,"जब से शादी की संस्था बनी है तभी से विवाहेत्तर संबंध भी एक सच्चाई है बस जिसे समाज अपने अंदर छिपा कर रखता है."

स्वरा आगे जोड़ती हैं, "अगर विवाहेत्तर संबंधो की कहानी दिखाई भी गई है तो एक पुरूष के नज़रिए से लेकिन इस बार यह एक महिला के नज़रिए से, एक पत्नी के नज़रिए से है जिसे वूट डॉट कॉम पर देखकर आपको मज़ा आएगा."

महिलाओं के नज़रिए पर बन रही फ़िल्मों और वेब सीरीज़ की बढ़ती संख्या देखकर स्वरा सकारात्मक हैं,"आपकी दुनिया के 50 प्रतिशत की आबादी यानी औरत को अब जाकर उसका दर्जा, उसकी जगह मिलनी शुरू हुई है इससे अच्छी बात क्या हो सकती है. इसे तो और होना चाहिए."

स्वरा ने ज़ोर देकर कहा कि हमारी वेब सीरीज़ में भले ही 6 भाग हैं, लेकिन 6 के 6 भाग में नारी का किरदार मुख्य है और यही मुझे याद दिलाता है कि कितनी मुश्किल से यह जगह हमें (औरतों) को हासिल हुई है."

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