'बीफ़, गौरक्षा मुद्दा छोड़ें मोदी तभी बढ़ेगी रैंकिंग'

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आपके देश में व्यापार करना कितना आसान है, इस पर विश्व बैंक ने सूची जारी की है और सूची में भारत मात्र एक पायदान ऊपर चढ़ा है.

कई महीने से नरेंद्र मोदी की सरकार इस बात का ढिंढोरा पीट रही थी कि वो लगातार कोशिशें कर रही है कि भारत में लोगों को व्यापार करने में आसानी है लेकिन विश्व बैंक की इस ताज़ा रिपोर्ट पर सरकार ने निराशा जताई है.

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमन ने एक ट्वीट में कहा, "हम इस साल अपनी रैंक से निराश हैं. हमारे बहुत से सुधार कार्यक्रम विश्व बैंक की समय सीमा के बाद लिए गए. उम्मीद है कि हमारे कदम अगले साल हमारी मदद करेंगे."

190 देशों की सूची में पिछले साल भारत का स्थान 131 था. इस साल भारत एक पायदान ऊपर चढ़कर 130वें स्थान पर पहुंचा है.

सरकार की कोशिश है कि भारत पहले 50 देशों की सूची मे पहुंचे.

इस सूची में न्यूज़ीलैंड पहले स्थान पर है जबकि सिंगापुर दूसरे.

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डेनमार्क, हॉंगकांग, दक्षिण कोरिया, नॉर्वे, ब्रिटेन, अमरीका, स्वीडन भी सूची में ऊपर हैं.

इस सूची में पाकिस्तान 144वें स्थान पर है.

जिन देशों में सुधार हुआ और उनकी स्थिति इस सूची में सबसे बेहतर हुई, उनके नाम हैं ब्रूनेई दारुसलाम, कज़ाकिस्तान, कीनिया, बेलारूस, इंडोनीशिया, सर्बिया, जॉर्जिया, पाकिस्तान, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात.

ताज़ा रिपोर्ट पर आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि भारत में व्यापार करने के आसान बनाने के लिए कई कदम लिए जा रहे हैं और उम्मीद है कि अगले साल हमारी स्थिति में बेहतरी आएगी.

उधर प्रतिक्रिया में ट्विटर पर मुंबई से प्रशांत नवाद्गी ने लिखा, अगर मोदी सरकार को सूची में भारत की रैंकिंग को बेहतर करना है तो कृपया बीफ़, तीन बार तलाक़, गौरक्षक राजनीति जैसे मामलों से बाहर आ जाइए.

पत्रकार स्टैनले पिग्नल ने लिखा इस ख़बर पर सरकार अधिकारियों के खिलाफ़ कार्रवाई करेगी क्योंकि भारत की रैंकिंग को सुधारना नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता थी.

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