करोड़ों के घोटाला मामले में येदुरप्पा को राहत

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कर्नाटक के भाजपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा को सीबीआई अदालत ने 40 करोड़ के "साउथ वेस्ट माइनिंग" घोटाला मामले में बरी कर दिया है.

राज्य में 2018 में विधानसभा चुनाव होने है.

बेंगलुरू की सीबीआई अदालत ने येदुरप्पा के साथ-साथ उनके दो बेटों और दामाद को भी इस मामले में राहत दी है.

"साउथ वेस्ट माइनिंग" घोटाले से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट के तीन सदस्यीय खंडपीठ की ओर से सीबीआई अदालत को भेजा गया था. न्यायमूर्ति एसएच कापड़िया तब इस खंडपीठ के अध्यक्ष थे.

यह मामला तब का है जब येदुरप्पा मुख्यमंत्री (2008-11) थे.

येदुरप्पा ने मुख्यमंरी रहते हुए राचेनाहल्ली में एक जमीन को डिनोटिफाई करते हुए इसकी दो साइटों को अपने दो बेटों बीवाई विजयेंद्र और बीवाई राघवेंद्र के नाम से पंजीकृत किया. इन साइटों का बाजार मूल्य 1.5 करोड़ था लेकिन उन्हें 20 करोड़ मिले.

इसके तुरंत बाद, ये बात सामने आई कि प्रेरणा एजुकेशन ट्रस्ट, शिवामोगा को 20 करोड़ रुपए की रिश्वत दी गई है. उनके दोनों बेटे की कंपनी साउथ वेस्ट माइनिंग इस ट्रस्ट को चलाती है.

साउथ वेस्ट माइनिंग जिंदल स्टील कंपनी की अहम कंपनी है.

यह मामला पहली बार उस वक्त के लोकायुक्त न्यायमूर्ति संतोष हेगड़े सामने लेकर आए.

घोटाले के ख़िलाफ़ गैरसरकारी संगठन 'समाज परिवर्तन समुध्या' की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक अपील दायर की गई.

समाज परिवर्तन समुध्या के एसआर हीरेमठ ने बीबीसी हिंदी को बताया, ``हम सभी जरूरी कदम उठाएंगे. आपराधिक कदाचार में शामिल जनता के एक सेवक ने सरकारी खजाने में 870 करोड़ का चूना लगाया है. अपने एजुकेशन ट्रस्ट के लिए आर्थिक लाभ उठाए हैं.''

हीरेमठ का कहना है, "यदि सीबीआई इस फैसले के ख़िलाफ अपील नहीं करती तो हम इसमें हस्तक्षेप करेंगे."

हालांकि इस मामले में सीबीआई ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है.

लेकिन येदुरप्पा इस फैसले से बेहद उत्साहित हैं.

वे कहते हैं, "मैं बहुत खुश हूं कि मैं सही साबित हुआ. अब मैं कर्नाटक में अपनी पार्टी के लिए खुलकर चुनाव प्रचार कर सकता हूं.''

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