ट्रंप की हिंदी इन भारतीयों को कैसी लगी?

इमेज कॉपीरइट SHALABH KUMAR

अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनल्ड ट्रंप ने अमरीका में बसे भारतीयों को लुभाने के लिए हिंदी का सहारा लिया लेकिन उनके इस प्रयास को भारतीयों ने खास तव्वजो नहीं दी है.

ट्रंप ने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी नारे - 'अबकी बार मोदी सरकार' - का इस्तेमाल किया.

बीबीसी के विकास पांडेय ने भारत की राजधानी दिल्ली में ट्रंप के इस प्रयास पर स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया जाननी चाही. भारतीय युवा ट्रंप के इस मोदी टाइप चुनाव प्रचार से खास प्रभावित नज़र नहीं आए.

एक युवक शैलेश यादव का ट्रंप को संदेश था- 'ट्रंप साहब भारत ​में सिर्फ़ हिन्दु ही नहीं रहते हैं. ट्रंप साहब यहां मुसलमान, सिख और ईसाई भी रहते हैं.'

शैलेश को इस प्रचार वीडियो पर भी आपत्ति थी. उनको लगा कि ये प्रचार सिर्फ़ हिंदुओं पर केंद्रित है. शैलेश को लगता है कि अमरीकी इतने समझदार हैं कि वो ट्रंप को वोट नहीं देंगे.

लॉ की छात्रा अपरामिता प्रताप के मुताबिक,' कोई वीडियो ट्रंप को हारने से कोई नहीं बचा सकता है.'

अपरामिता की दोस्त रेमोन सिंह भी उनसे सहमत हैं. रेमॉन के अनुसार, 'लगता है ट्रंप ने काफी रिहर्सल ​की है, लेकिन इसके बावजूद वो असरदार नहीं हैं. वह किसी के भी दोस्त नहीं हैं. उनके स्त्रियों के प्रति विचार ठीक नहीं हैं. महिला होने के नाते उनके विचारों को सुनना मुझे पसंद नहीं.'

छात्रा कीर्ति कक्कड़ को तो ट्रंप के कारण अमेरिका के विकसित देश होने पर ही शक पैदा हो गया है. उनका कहना था, 'मुझे लगता था कि अमरीका एक विकसित देश है. लेकिन ट्रंप के यहां तक पहुँच जाने के बाद तो मुझे शक होने लगा है.'

कीर्ति के मुताबिक भारत ट्रंप पर भरोसा नहीं कर सकता है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे