सिमी सदस्यों की मौत की जांच करेगी एसआईटी

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भोपाल में जेल से फरार हुए सिमी के 8 सदस्यों और उनकी कथित मुठभेड़ में हुई मौत की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.

मंगलवार को मध्यप्रदेश के पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला ने एसआईटी का गठन की घोषणा की है. एसआईटी की तीन सदस्यीय टीम का नेतृत्व सीआईडी के एसपी अनुराग शर्मा करेंगे और वो पूरे मामले की रिपोर्ट पुलिस हेडक्वाटर को सौपेंगे.

वही 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी सुधीर शाही को सुशोभन बैनर्जी की जगह एडीजी, जेल बनाया गया है. सुशोभन बैनर्जी को सिमी कार्यक्रताओं के जेल से फरार होने के बाद हटा दिया गया था.

दीपावली की रात भोपाल सेंट्रल जेल से भागे सिमी के सदस्यों की मुठभेड़ में हुई मौत से जुड़े कई वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की पूरी कार्यवाही पर सवाल उठने लगे है.

माना जा रहा है कि इस जांच के बाद इस कथित मुठभेड़ से जुड़े कई पहलू सामने आ सकते है.

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गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने साफ कर दिया है कि आठ सिमी कार्यकर्ताओं से मुठभेड़ की जांच एनआईए नही करेंगी. भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि एनआईए केवल सिमी सदस्यों के जेल से फ़रार होने की जांच करेगी.

भोपाल में इस मसले पर अब मुस्लिम धर्मगुरु और उलेमा भी सामने आ गये है. उन्होंने भी सिमी कार्यक्रताओं के जेल से भागने, कास्टेंबल रमाशंकर यादव की हत्या और उसके बाद हुए कथित मुठभेड़ पर सवाल उठाये है.

उन्होंने एक संयुक्त बयान में पूरे मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से कराने की मांग की है.

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