ये सैनिक इंतज़ार नहीं कर रहे ,ये ग़लत है: वीके सिंह

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विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह ने कहा है, ''पूर्व सैनिक की मानसिक स्थिति कैसी थी इसकी जांच होनी चाहिए. अच्छा ये होगा कि वन रैंक वन पेंशन को राजनीति से दूर रखा जाए. राहुल गांधी को इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.''

सिंह के इस बयान को मृतक के परिजन ने ख़ारिज करते हुए कहा है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ्य थे.

वन रैंक, वन पेंशन(ओआरओपी) के मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा है कि अब चार पैसे के लिए कोई कहे कि वो एक साल पहले देनी, एक साल बाद देनी थी उसके अंदर नहीं पड़ना है.

उन्होंने कहा कि जो चालीस साल पुरानी मांग थी इस सरकार ने उस मांग को पूरा किया है. उनके अनुसार, ''उसमें कुछ त्रुटियां हैं जिसे रेड्डी कमीशन ठीक कर रहा है. उसके लिए ये सैनिक इंतज़ार नहीं कर रहे ये ग़लत है.''

सिंह ने पत्रकारों से उल्टे सवाल करते हुए कहा कि आपको वन रैंक वन पेंशन के बारे में क्या मालूम है. आप वो ही रिपोर्ट कर रहे हैं जो आपको सुनाई देता है. ओआरओपी में अधिकांश चीज़े दी जा चुकी हैं.

इस बीच, कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले एक पूर्व सैनिक रामकिशन ग्रेवाल के परिवार के सदस्यों से मिलने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर से हिरासत में ले लिया था. उन्हें कनॉट प्लेस थाने में ले जाया गया था.

राहुल गांधी को दोबारा हिरासत में लेने के बाद अब फिर से छोड़ दिया गया है.

राहुल के अलावा दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह को भी हिरासत में ले लिया था.

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शाम को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी ग्रेवाल के परिजनों से मिलने की कोशिश के दौरान हिरासत में ले लिया गया था.

पुलिस उन्हें लेडी हार्डिंग अस्पताल से अपने साथ लेकर गई थी.

पत्रकारों से बात करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि उन्हें भी पुलिस ने घेर रखा और वह उन्हें मृतक पूर्व सैनिक के परिजन से मिलने नहीं दे रहे हैं.

इससे पहले सुबह राहुल गांधी और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को आरएमएल अस्पताल में प्रवेश करने की कोशिश करते हुए हिरासत में लिया गया था, जब वे ग्रेवाल के परिवार से मिलने की कोशिश कर रहे थे. राहुल को पहले मंदिर मार्ग थाने में हिरासत में लिया गया था. हालांकि पुलिस ने किसी को हिरासत में रखने से इनकार किया है.

राहुल को अस्पताल में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई. जब उन्होंने अस्पताल में जाने की कोशिश की तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिस पर राहुल ने पत्रकारों के सामने तीखी प्रतिक्रिया दी. पूर्व सैनिक के परिजन को हिरासत में लेने पर राहुल ने एक पुलिस अफ़सर से तीखे सवाल पूछते हुए कहा, ''क्या आपको शर्म नहीं आती?''

राहुल ने कहा, ''अगर आप एक पूर्व सैनिक के परिवार को गिरफ्तार कर सकते हैं, तो फिर मुझे भी गिरफ्तार कीजिए.''

समाजसेवी अन्ना हज़ारे ने सरकार से अपील की है कि वो पूर्व सैनिकों के इस सवाल पर अपनी स्थिति साफ़ करे.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सरकार के इस क़दम की निंदा की है. ममता ने एक ट्वीट में कहा,''दुखद है कि हमारे एक पूर्व-सैनिक ने खुदकुशी कर ली. बहुत दुर्भाग्य की बात है कि राहुल गांधी और मनीष सिसोदिया को शोक-संतप्त परिवार से मिलने से रोका गया.उन्हें शोक और सद्भावना प्रकट करने जाने देना चाहिए था.''

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बुधवार को 70 साल के पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल ने कथित तौर पर ज़हर पीकर कथित आत्महत्या कर ली थी.

भूतपूर्व सुबेदार ग्रेवाल का शव राम मनोहर लोहिया अस्पताल में रखा हुआ था.

पीटीआई के अनुसार राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी से गुज़ारिश की है कि वह ओआरओपी को प्रभावी ढंग से लागू करें ताकि पूर्व सैनिकों को अपनी जान न देनी पड़े.

राहुल ने इस पुलिस कार्रवाई को दुखद और देश के भीतर अलोकतांत्रिक माहौल के मज़बूत होने का सेकेत बताया.

पूर्व सैनिक के बेटे ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, ''मुझे थाने में लात, घूंसों से पीटा गया.''

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