झगड़े के बाद समाजवादी कुनबा एक?

Image caption पिता मुलायम और पुत्र अखिलेश के संबंधों पर हाल के दिनों में कई तरह के कयास लगाए गए हैं

समाजवादी पार्टी में कई दिनों तक चली राजनीतिक उठा-पटक के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने लखनऊ में अखिलेश यादव की रथयात्रा को हरी झंडी दिखाई.

सपा के उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव भी इस कायक्रम में शामिल हुए और उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश को शुभकामनाएँ भी दीं.

समाजवादी कुनबे में पिछले दिनों जब भतीजे अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल और उनके कुछ सहयोगियों को अपने कैबिनेट से निकाल दिया था तो पलटवार करते हुए शिवपाल ने रामगोपाल यादव और अखिलेश के कुछ और करीबियों को पार्टी से निकाल दिया था.

अपने पूरे भाषण के बीच मुख्यमंत्री ने मंच से पिता मुलायम का नाम तो कई बार लिया, लेकिन चाचा शिवपाल यादव का नाम लेने से परहेज़ किया.

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Image caption फ़ाइल फ़ोटो

अखिलेश का कहना था, "ये चुनाव केवल प्रदेश का चुनाव नहीं है देश की राजनीति को बदलने का चुनाव है. ऐसी ताकतें सत्ता में आ गईं हैं जिन्होंने देश का रास्ता भटका दिया. सीमा पर अपनी जान देकर हमें सुरक्षा देने वाले जवान आत्महत्या कर रहे हैं. आज ये सोचना पड़ेगा कि देश किसके हाथ में हो, किस दिशा में जाएं. देश में कोई परिवर्तन ला सकता है तो समाजवादी विचारधारा और समाजवादी लोग."

अखिलेश ने कहा, "मुझे इस बात की खुशी है कि जहां नेता जी (मुलायम सिंह यादव) ने रथ चलाने की परंपरा शुरू की थी, वहीं उत्तर प्रदेश में हमें तीसरी बार रथ चलाने का मौका मिल रहा है. मेरी कोशिश है कि मैं ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच सकूं."

रथ का नाम रखा है समाजवादी विकास रथ. इस पर लिखा है- 'विकास से लेकर विजय तक जाने का काम समाजवादी पार्टी के लोग करेंगे.'

अखिलेश का कहना था, "ये चुनाव केवल प्रदेश का चुनाव नहीं है देश की राजनीति को बदलने का चुनाव है. ऐसी ताकतें सत्ता में आ गईं हैं जिन्होंने देश का रास्ता भटका दिया. सीमा पर अपनी जान देकर हमें सुरक्षा देने वाले जवान आत्महत्या कर रहे हैं. आज ये सोचना पड़ेगा कि देश किसके हाथ में हो, किस दिशा में जाएं. देश में कोई परिवर्तन ला सकता है तो समाजवादी विचारधारा और समाजवादी लोग."

उधर मुलायम सिंह ने अखिलेश के विकास से विजय के जुमले पर कटाक्ष भी किया.

मुलायम सिंह यादव ने कहा, "विजय रथ या विकास रथ के लिए मेरी शुभकामनाएं हैं. मैं चाहता था कि ये केवल विकास रथ ना हो, मैंने सलाह दी कि पहले विजय फ़िर विकास बोलना चाहिए था."

उन्होंने कहा, "लेकिन नौजवानों से कहना चाहता हूं कि केवल नारेबाजी से काम नहीं चलेगा."

अखिलेश यादव जिस रथ पर सवार होकर चुनाव अभियान यात्रा पर निकले हैं वो दो करोड़ की हाई टेक लक्ज़री बस है.

हालांकि मुख्यमंत्री का विकास रथ बस कुछ ही किलोमीटर गया और खराब हो गया. इसको ठीक करने का काम चल रहा है.

अखिलेश ने रथ की तस्वीर में चाचा शिवपाल को जगह नहीं दी, हालांकि अखिलेश के साथ मुलायम की तस्वीर रथ पर थी.

मंच पर अखिलेश और चाचा शिवपाल तने-तने ही नज़र आए.

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