तलवार देकर कहते हो चलाओ मत: अखिलेश

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Image caption समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह में जुटी भीड़

समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह में भतीजे अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव ने एक दूसरे पर जमकर निशाना साधा.

लेकिन दोनों के अंदाज़ जुदा रहे.

जहां अखिलेश के लहज़े में नरमी थी और उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से शिवपाल पर निशाना साधा तो वहीं शिवपाल ने बिना किसी लाग लपेट के सीधे ये काम किया.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "लोहिया कहा करते थे कि मेरी लोग तब सुनेंगे जब मैं मर जाऊंगा. इसी तरह मैं कहता हूं कि मेरी लोग तब सुनेंगे जब समाजवादी पार्टी में कुछ बुरा हो जाएगा. आपने मुझे तलवार दी है और कहते हैं कि इस्तेमाल मत करो. ऐसा कैसे होगा? हमारी कोई परीक्षा लेना चाहता है तो हम परीक्षा देने को तैयार हैं. हमारा लक्ष्य है कि बीजेपी हारे, बीएसपी हारे समाजवादी पार्टी जीते."

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इससे पहले रजत जयंती समारोह में मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई और पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने मंच से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा था.

उन्होंने कहा था, "मैं अखिलेश यादव से कहना चाहता हूं कि जितना त्याग मांगा जाएगा, करेंगे. यहां तक कि ख़ून मांगेंगे, तो वो भी दे देंगे. कितनी बार भी बर्ख़ास्त कर लो, कितना भी अपमान कर लो. उफ़ तक नहीं करेंगे."

बीते दिनों अखिलेश ने शिवपाल को अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया था.

उन्होंने अखिलेश पर ताना मारते हुए कहा, "मैंने कहा था कि कुछ लोगों को किस्मत और विरासत में चीजें मिल जाती हैं, लेकिन कुछ लोगों को ज़िंदगी भर मेहनत करने के बाद भी कुछ नहीं मिलता है. जब मैंने ऐसा कहा था तो मुख्यमंत्री को बुरा लगा था. "

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Image caption रजत जयंती समारोह में देवगौड़ा के साथ शिवपाल यादव

शिवपाल समारोह को संबोधित करते कई बार भावुक भी हुए.

उन्होंने कहा, "मैंने संकट की घड़ी में खतरा मोल लिया है. मैंने बहुत जोखिम उठाया है. मैं मुख्यमंत्री का स्वागत करता हूं, पर नेताजी का अपमान बर्दाश्त नहीं करूंगा. जिन्होंने इस सरकार में थोड़ी सी चापलूसी की, उन्होंने सरकार में खूब मज़े लिए. दूसरी तरफ़ जिन्होंने जमकर काम किया, उन्हें उपेक्षा झेलनी पड़ी."

शनिवार को हो रहे इस समारोह में अमर सिंह और आज़म ख़ान जैसे बड़े नेता शामिल नहीं है.

इस समारोह में राष्ट्रीय लोक दल के अजित सिंह और राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू यादव भी मौजूद रहे.

इस बीच मंच पर एक दफ़ा शिवपाल सिंह यादव को ग़ुस्सा भी आ गया और उन्होंने भाषण दे रहे सपा नेता जावेद आब्दी को रोल दिया और उन्हें धक्का देकर माइक के सामने से हटा दिया.

उन्होंने कहा, "हमने भी इस संघर्ष में साथ दिया है, मेहनत की है, ख़तरे भी मोल लिए हैं. और यहां मौजूद कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने ख़तरा मोल लिया है."

शिवपाल ने इस मौक़े पर और लोगों पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा, "हम जानते हैं कि हमारे बीच में कुछ बिचौलिए हैं, जो माहौल बिगाड़ रहे हैं, हमें उनसे सावधान रहना है."

इससे पहले मंच पर राजद अध्यक्ष लालू यादव ने अखिलेश यादव और शिवपाल यादव का एकसाथ हाथ पकड़कर दोनों को सामने किया. उस समय दोनों के चेहरे पर मुस्कान थी, लेकिन बाद में जब शिवपाल बोले तो साफ हो गया है कि लड़ाई अभी ख़त्म नहीं हुई है.

इस समारोह में लालू प्रसाद यादव भी पहुंचे थे. उन्होंने अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का होनहार और लोकप्रिय मुख्यमंत्री बताया. उन्होंने कहा, 'मैंने शिवपाल और अखिलेश को साथ लाकर बता दिया है कि कोई मतभेद नहीं है. मुझसे सब पूछता था कि समाजवादी पार्टी में लड़ाई है। इस पर मैं कहता था कि यादव समाज से कोई लड़ता नहीं है इसीलिए हम अपने में लड़ लेते हैं। यह परिवार की लड़ाई थी और अब सब एकजुट हो गए हैं.'

लालू ने एनडीटीवी को बैन करने का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र पर हमला हुआ है। लालू ने कहा कि एनडीटीवी बेकाबी से मोदी और आरएसएस की पोल खोलता है इसीलिए बैन किया गया है.

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