सिमी सदस्यों को भागने में जेल के अंदर से मदद?

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इंडियन एक्सप्रेस ने लिखा है कि भोपाल सेंट्रल जेल से सिमी के आठ के सदस्यों को भागने में जेल के अंदर से मदद मिलने के संकेत मिले हैं.

एक नाले से मिले तालों की चाबियों के सांचे और चाकू के अलावा भोपाल की सेंट्रल जेल के बी ब्लॉक में काम नहीं कर रहे सीसीटीवी कैमरे से ऐसे संकेत मिले हैं, जिससे कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मान रहे हैं कि सिमी के आठ सदस्यों के भागने के पीछे लापरवाही ही नहीं, बल्कि जेल के अंदर से मदद और सांठगांठ भी कारण हो सकता है.

पिछले सोमवार को जेल से सिमी के आठ सदस्य भागे थे, जिसके बाद करीब 12 किलोमीटर दूर अचरपुरा में कथित मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई थी.

अख़बार के मुताबिक बाद में सामने आए ऑडियो टेप से ये संकेत मिले थे कि पुलिस को इन्हें ख़त्म करने को कहा गया था.

अखबार का दावा है कि एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि जेल के अंदर से मदद मिलने की बात काफ़ी चौंकाने वाली है.

मध्य प्रदेश के गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह ने भी कहा कि बिना अंदरूनी मदद के जेल से भागना संभव नहीं है और संभावना है कि इसके लिए बाहर से फंडिंग की गई होगी.

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द हिंदू की पहली ख़बर है कि भारत प्रशासित कश्मीर के पुंछ ज़िले में पीर पंजाल घाटी में पाकिस्तानी रेंजर्स की फ़ायरिंग में दो भारतीय सैनिकों की मौत हो गई है और पांच लोग घायल हो गए हैं. इनमें दो महिलाएं भी हैं.

अखबार ने नॉर्दर्न कमांड के प्रवक्ता के हवाले से कहा ''कृष्णा घाटी सेक्टर में तैनात सैनिकों ने रात करीब दो बजे घुसपैठ की दो कोशिशों की कुछ हलचल देखी. घुसपैठ की दो कोशिशें नाकाम की गईं, इसमें एक सैनिक की मौत हो गई.''

सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तानी सेना सुबह चार बजे तक फायरिंग करती रही, जिससे चरमपंथी वापस पाकिस्तान प्रकाशित कश्मीर की तरफ़ भाग गए.

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हिंदुस्तान टाइम्स ने लिखा है कि प्रदूषण से भरी धुंध की मार झेल रही दिल्ली में दुकानों में मास्क कम पड़ने लगे हैं.

इस बीच दिल्ली में मास्क की बिक्री में इज़ाफ़ा हुआ है और मास्क खरीदने वालों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं. अख़बार के मुताबिक 90 से 2,200 रुपए तक की कीमत के मास्क उपलब्ध हैं.

बढ़ते प्रदूषण के बीच दिल्ली में हवाई अड्डे, मेट्रो स्टेशन और अन्य सार्वजनिक जगहों पर तैनात सीआईएसएफ़ कर्मियों को मास्क बांटे जाएंगे.

द हिंदू के मुताबिक तेलंगाना में कुष्ट रोग से पीड़ित एक व्यक्ति रामुलू को अपनी मृत पत्नी के शव को ठेले पर लाना पड़ा.

उन्हें अपनी पत्नी के शव को लांगर हौज़ से करीब पचास किलोमीटर दूर विकाराबाद तक ठेले पर लाना पड़ा.

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Image caption ओडिशा के दाना मांझी भी पत्नी का शव लेकर कई किलोमीटर पैदल चले थे.

इससे पहले, ओडिशा में दाना मांझी के अपनी पत्नी की लाश कंधे पर उठाकर कई किलोमीटर चलने की घटना सामने आ चुकी है.

रामुलू भीख मांगते हैं और शव को ले जाने के लिए अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाने में पांच हज़ार रुपए लगते हैं, जो उनके पास नहीं थे.

उनकी पत्नी भी कुष्ट रोग से पीड़ित थीं और चार नवंबर को उनकी मौत हो गई है.

विकाराबाद में लोगों ने पैसे इकट्ठा कर उनकी मदद की और शव को सांगारेड्डी भेजा जा सका.

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द पायनियर ने 2016 में अभी तक मरने वालों बाघों की संख्या पिछले पांच साल में सबसे ज़्यादा रही है. 2016 में अब तक 110 बाघों की मौत हो चुकी है.

ये आंकड़े एक गैर सरकारी संस्था वाइल्ड लाइफ़ प्रोटेक्शन सोसाइटी ऑफ़ इंडिया ने दिए हैं.

इस साल में भारत में बाघों की 225 किलो हड्डियां, बाघों की 15 खालें और 56 किलोग्राम मीट के अलावा बाघों के पंजे और खोपड़ियां भी बरामद की गई हैं.

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