'पानी का छिड़काव, कृत्रिम बारिश का प्रबंध क्यों नहीं?'

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Image caption भारी प्रदूषण की चपेट में दिल्ली

दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दे पर एनजीटी ने दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है. एनजीटी ने पूछा है कि दिल्ली सरकार सड़कों पर पानी का छिड़काव क्यों नहीं कर रही और हेलिकॉप्टर से कृत्रिम बारिश कराने का प्रबंध क्यों नहीं किया?

दिल्ली पिछले कई दिनों से प्रदूषण के कारण भीषण धुंध का सामना कर रहा है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एनजीटी (नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल) ने दिल्ली सरकार को पूछा- "सड़कों पर धूल खत्म करने के लिए पानी का छिड़काव क्यों नहीं किया जा रहा है? हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल कृत्रिम बारिश कराने के लिए क्यों नहीं हो सकता, क्या ये केवल अधिकारियों को ले जाने के लिए हैं. हमारे आदेशों का जो उल्लंघन कर रहे हैं उनके खिलाफ क्या कार्रवाई हो रही है?"

एनजीटी ने पूछा कि पंजाब की 70 फीसद भूमि का इस्तेमाल फसलों को जलाने में किया जा रहा है ऐसे में दिल्ली सरकार इससे निपटने के लिए क्या कर रही है?

प्रदूषण की चपेट से दिल्ली को निकालने के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने आसपास के राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक में उन राज्य से तत्काल कदम उठाने को कहा.

अनिल दवे ने दोहराया कि दिल्ली के वायु प्रदूषण में पड़ोसी राज्यों के फ़सल जलाने के कारण धुएं का योगदान महज़ 20 प्रतिशत है, जबकि 80 फीसदी प्रदूषण दिल्ली से ही उत्पन्न हो रहा है.

ग़ौरतलब है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कहते आए हैं कि दिल्ली में प्रदूषण का स्तर तब बढ़ता था जब पड़ोसी राज्यों में फसल जलाने से धुआं आता है और इसका समाधान होना चाहिए.

दवे ने कहा कि प्रदूषण से निपटने में आरोप-प्रत्यारोप के खेल से कुछ हासिल नहीं होने वाला है.

उन्होंने कहा सरकार का मकसद दिल्ली को सांस लेने लायक बनाना है और पर्यावरण सुरक्षा में राज्य सरकारों की अहम भूमिका है. दवे ने कहा कि वायु प्रदूषण में धूल सबसे बड़ी वजह है और इससे निपटना प्राथमिकता होनी चाहिए.

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Image caption केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल माधव दवे

दिल्ली में प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई होनी है. प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को पहले ही कई निर्देश दिए थे लेकिन उन्हें प्रभावी तरीके से लागू नहीं करने का आरोप लगा है.

पर्यावरण के मुद्दों पर काम करने वाली कार्यकर्ता सुनीता नारयण ने सुरशिकायत की थी कि सरकार उसके निर्देशों का पालन नहीं कर रही है.

इससे पहले एनजीटी (नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल) ने दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि सड़कों से धूल खत्म करने के लिए पानी का छिड़काव क्यों नहीं किया जा रहा है? एनजीटी ने यह भी पूछा कि जो उसके आदेशों का उल्लंघन कर रहे हैं उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है। एनजीटी ने कहा कि पंजाब की 70 पर्सेंट भूमि का इस्तेमाल फसलों को जलाने में किया जा रहा है ऐसे में दिल्ली सरकार इससे निपटने के लिए क्या कर रही है?

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