विदेश मंत्री की मदद, पाक दुल्हन मिली भारतीय दुल्हे से

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प्रिया बचानी जब राजस्थान के जोधपुर के पास एक फ़ार्म हाऊस में शादी के मंडप में पहुँची तो वहां बड़ी संख्या में कैमरे और पत्रकारों को देखकर वह कुछ पल के लिए हैरान-परेशान हो गईं. वो कराची से जोधपुर आई हैं.

प्रिया बचानी की शादी जोधपुर के एक सिंधी हिंदू, नरेश टीवानी से हो रही है.

प्रिया के साथ उनके तीस से अधिक क़रीबी रिश्तेदार भी शादी में शामिल होने के लिए जोधपुर पहुंचे हैं.

यह शादी एक ऐसे समय में हो रही है जब भारत पाकिस्तान सरहद पर ज़बरदस्त तनाव है और दोनों देशों के बीच बातचीत का सिलसिला टूट गया है.

प्रिया के पिता गिरधर लाल बचानी ने बीबीसी से कहा, ''जीत अंततः प्यार और शांति की होती है.''

उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर होंगे, सीमाओं की दूरियां ख़त्म होंगी और इस तरह के विवाह और रिश्ते और बढ़ेंगे.

उन्होंने कहा ''दोनों ओर मोहब्बतें हैं, तभी तो हम यहाँ आए हैं.''

हरा शरारा और ब्लाउज़ पहने प्रिया अपनी शादी भारत में होने पर बहुत ख़ुश हैं. उनकी बस यही दुआ है कि दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर हो जाएं.

दूल्हे के पिता कन्हैया लाल टीवानी अपनी बहू और उसके परिजनों का स्वागत करते हुए ख़ुशी से झूम रहे थे.

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Image caption पाकिस्तान की प्रिया औऱ भारत के नरेश की शादी

उन्होंने बताया '' मैं लगभग पंद्रह साल पहले पाकिस्तान गया था. वहाँ सिंधी समुदाय की जो संस्कृति, तहज़ीब और रस्म-ओ-रिवाज़ देखे वह मुझे बहुत अच्छे लगे. मैंने उसी समय यह क़सम खाई थी कि मैं अपनी बहू पाकिस्तान से लाऊँगा. आज मेरी तमन्ना पूरी हो गई है.''

शादी का आयोजन बहुत शान ओ शौक़त से किया गया. प्रिया के तीस से अधिक रिश्तेदार भारत आए हैं.

उन्होंने कई महीने पहले वीज़ा के लिए आवेदन किया था लेकिन जब वीज़ा मिलने में देरी होने लगी तो टीवानी ने सरकार से मदद की अपील की.

उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट किया, '' मैम मेरी शादी 7 नवंबर को है. मेरी मंगेतर कराची, पाकिस्तान से हैं. उनके परिवार को वीज़ा नहीं मिल रहा है. अब सिर्फ़ आप ही मेरी उम्मीद हैं. कृप्या मदद करें.''

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भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के हस्तक्षेप के बाद उन्हें वीज़ा मिल गया.

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जोधपुर के मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता हिंदू सिंह सोढ़ा बताते हैं कि राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्रों में कुछ समय पहले तक इस तरह की भारत-पाक शादियां अक्सर हुआ करती थीं.

वो कहते हैं, "सीमा के दूसरी तरफ़ हिंदुओं और मुसलमानों की लगभग बराबर आबादी हुआ करती थी. उस तरफ़ थर पार में भी यही स्थिति थी. दोनों ओर आना जाना था, रिश्ते थे, ज़िम्मेदारियाँ थीं. लेकिन दोनों देशों के रिश्तों की कड़वाहट से विवाह अब कम ही होते हैं.''

जिस वक़्त प्रिया और नरेश की शादी हो रही थी, उसी समय टीवी चैनलों और अख़बारों में सीमा पर गोलाबारी में दो भारतीय सैनिकों के मारे जाने की ख़बरें भी चल रही थीं.

चैनलों पर इन ख़बरों के बीच कराची की दुल्हन भी समाचारों में दिखाई जा रही हैं.

तनाव के उस माहौल में पाकिस्तान की प्रिया और भारत के नरेश की शादी ख़ास हो गई है.

कई लोग इस ख़राब होते हुए माहौल में इस शादी को भारत पाक संबंधों लिए एक शुभ संकेत मान रहे हैं.

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