राजस्थान में हिलेरी की जीत के जश्न की तैयारी थी

इमेज कॉपीरइट Abha Sharma

नायला गाँव की मोहिनी देवी अमेरिकी चुनाव नतीजों पर बराबर निगाह रखे हुए थीं और हिलेरी भाभी की जीत की कामना कर रही थीं.

उन्होंने बक़ायदा मंदिर जाकर प्रार्थना भी की थी और पटाखे चलाकर, लड्डू बाँट कर ख़ुशी मनाने की तैयारी भी पूरी थी.

पर ट्रंप की जीत के साथ ही मोहिनी देवी और उनकी साथिनें काफी मायूस लगीं.

कोई सत्रह साल पहले अमेरिका राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की नायला यात्रा के समय उन्होंने क्लिंटन को राखी बाँधी थी.

तब से ही इस गाँव का क्लिंटन परिवार से ख़ास नाता जुड़ गया.

कल शाम तक तो सबकी निगाह सिर्फ़ अमरीकी चुनाव पर थीं पर जब से प्रधानमंत्री ने 500 और 1000 के नोट बंद होने का एलान किया, सभी नायलावासी इसी चिंता में डूब गए.

बीबीसी ने बाज़ार, दुकानों और घरों में महिलाओं से जब आज की खास खबर के बारे में पूछा तो सबकी जुबान पर नोटों की चिंता ज्यादा थी.

चुनावी चर्चा दूसरे नंबर पर चली गई है अब.

इमेज कॉपीरइट Abha Sharma

वैसे सबका समर्थन "मोहिनी बुआ" को था. बुआ को समर्थन यानी हिलेरी क्लिंटन को.

मोहिनी देवी इसी गाँव के बेटी हैं और सब उन्हें बुआ बुलाते हैं.

आशा सहयोगिनी सीता देवी कहती हैं "क्लिंटन के आने से हमारे गाँव का नाम हुआ, रोज़गार मिलने लगा, यहाँ की आरी-तारी, गोटा-पट्टी की साड़ियों का देश-दुनिया में नाम हो गया. फिर महिला जीतती तो महिलाओं के लिए तो ख़ुशी की बात ही होती ना."

मोहिनी देवी को उम्मीद थी कि हिलेरी भाभी जीतेंगी और क्लिंटन दंपत्ति नायला आयेंगे तो वे अपनी साथिनों के साथ ये गीत ज़रुर गातीं "भला पधारया सा प्यारा पावनिया".

(बीबीसी हिंदी के एंड्रॉएड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी फ़ॉलो कर सकते हैं.)