'आज़ादी से लेकर अब तक का पूरा हिसाब लूंगा'

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हिंदुस्तान टाइम्स की ख़बर की हेडलाइन है, "मोदी वॉर्न्स ऑफ़ मोर एक्शंस".

इसमें पुराने नोटों को बंद करने के अपनी सरकार के फ़ैसले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को जगह दी गई है.

शनिवार को जापान में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने संकेत दिया था कि भ्रष्टाचार और काले धन से निपटने के लिए वो ऐसे ही और भी कड़े क़दम उठा सकते हैं.

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अख़बार ने प्रधानमंत्री के बयान को जगह दी है जिसमें उन्होंने कहा है, "ज़रूरत पड़ी तो आज़ादी के बाद से अब तक के पूरे काले धन का हिसाब लिया जाएगा."

नई दुनिया समेत तमाम दूसरे अख़बारों ने वित्त मंत्री अरुण जेटली के बयान को जगह दी है जिसमें उन्होंने लोगों की परेशानियों का ज़िक्र करते हुए कहा है कि अभी एटीएम को पूरी तरह से दुरुस्त होने में 2-3 सप्ताह का समय लग सकता है.

द स्टेटमैन में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का बयान सुर्ख़ी बना है. अख़बार के मुताबिक़ ममता ने कहा है कि मोदी सरकार के पुराने नोट बंद करने के फ़ैसले की वजह से आम लोगों को जो दिक़्क़त हो रही है उसके ख़िलाफ़ वो लेफ़्ट के साथ मिलकर प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं.

द इंडियन एक्सप्रेस ने पहले पन्ने पर ख़बर छापी है कि कि मध्यप्रदेश सरकार मार्च 2017 तक हैप्पीनेस इंडेक्स तैयार करने की योजना बना रही है.

इसमें लोगों से तमाम सवाल पूछकर ये पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि राज्य सरकार के कामकाज से जनता कितनी ख़ुश है.

इस योजना के ट्रायल के लिए शिवराज मंत्रिमंडल के मंत्रियों से इंडेक्स के सवाल पूछे गए और ज़्यादातर मंत्रियों ने कहा कि वो अपनी ज़िंदगी से बेहद ख़ुश हैं.

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