'लोग तो राशन की लाइन में भी मर सकते हैं'

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देश भर में 500 और 1000 के नोट बदलने के लिए बैंकों के सामने लग रही लंबी क़तारों और कुछ लोगों की मौत के बाद भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्य प्रदेश प्रभारी डॉ. विनय सहस्रबुद्धे ने एक विवादित बयान दिया है.

जब उनसे क़तार में लगे लोगों में से कुछ के दम तोड़ने के बारे में सवाल किया गया तो सहस्रबुद्धे ने कहा, "लोग राशन की लाइन में भी मर सकते हैं."

इसके फौरन बाद उन्होंने कहा कि इसे ठीक करने की कोशिश की जाएगी, ताकि ऐसी घटना न हो.

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सहस्रबुद्धे भोपाल में प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र के निवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.

मध्य प्रदेश के सागर में शनिवार को एक रिटायर्ड कर्मचारी की मौत बैंक की लाइन में नोट बदलवाने के दौरान हो गई थी.

इसके अलावा बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र समेत देश के अन्य इलाक़ों से भी इस तरह की ख़बरें आई हैं.

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नोट बदलवाने के लिए इन दिनों लोगों को कई जगह ख़ासी दिक्क़तों का सामना करना पड़ रहा है.

सहस्रबुद्धे ने कहा, "ये लड़ाई काले धन के ख़िलाफ है और एक जन आंदोलन है."

जब उनसे पूछा गया कि इन क़तारों में तो सिर्फ आम आदमी ही नज़र आ रहा है, जबकि नेता और अधिकारी पूरी तरह नदारद हैं तो उन्होंने कहा, "आम लोगों में कुछ हड़बड़ी देखी जा रही है, जो नहीं होनी चाहिए. नोट बदलवाने के लिए अभी काफी समय बचा है."

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