'मोदी जी तय कर लें, हंसना है या रोना है'

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नोटबंदी के फ़ैसले पर घिरी मोदी सरकार पर विपक्ष का हमला जारी है. संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले सरकार को चेताया गया कि जल्द ही इस मामले में राहत मिलनी चाहिए.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा, "जो काले धन के असली खिलाड़ी हैं, उन्हें मोदी सरकार ने खुला छोड़ रखा है. माल्या जी बाहर बैठ हुए हैं, ललित मोदी जी बाहर बैठे हुए हैं."

उन्होंने कहा, "बैंकों के बाहर लगी लाइनों में जाकर देखिए. वहां कोई बड़ा खिलाड़ी आपको दिखाई दे रहा है? मुझे लाइन में गरीब, छोटे दुकानदार और सरकारी कर्मचारी दिखाई दे रहे हैं. ये लोग चोर हैं क्या?"

राहुल ने कहा, "प्रधानमंत्री जी दो दिन पहले हंस रहे थे. हंसी आ रही थी उन्हें. लोग लाइन में खड़े हैं. क़रीब 18 लोगों की मृत्यु हो गई है. पहले प्रधानमंत्री हंस रहे थे, फिर रो रहे थे. एक बार में तय कर लें कि क्या करना है. हंसी आ रही है या रोना."

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, "और ये शहरों का हाल है. गांवों के हालात और ख़राब होंगे. वहां पास में बैंक नहीं होता, एटीएम नहीं होता. किसानों ने अपनी बेटियों की शादी के लिए जो पैसा बचा रखा है, वो काला धन है? वो भ्रष्ट हैं क्या?"

राहुल ने कहा कि अब सरकार ने ये फ़ैसला कर लिया है, तो हालात संभालने चाहिए. लोगों की मदद करनी चाहिए. लाइनों को छोटा करना चाहिए.

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि मोदी सरकार ने आम लोगों को भिखारी बना दिया है.

ममता ने कहा, "ऐसे हज़ारों इलाक़े हैं, जहां बैंकिंग या डाक घर सेवाएं नहीं हैं. वहां के लोग क्या करेंगे? नोटबंदी के इस फ़ैसले ने लोगों को भिखारी बना दिया है."

बाद में उन्होंने ट्वीट कर केंद्र सरकार पर भेदभाव करने का आरोप भी लगाया.

ममता ने लिखा, "रेलवे, पेट्रोल पंप, टोल पर 500, 1000 का नोट इस्तेमाल करने की इजाज़त है. लेकिन राज्य स्तर की खेती, को-ऑपरेटिव में नहीं हैं. निजी अस्पतालों में मरीज़ों को कोई छूट नहीं है."

उन्होंने कहा, "ये भेदभाव क्यों है? हालात गंभीर है. काफ़ी ख़राब हैं. लोग मुश्किल में हैं."

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पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने नोटबंदी के फ़ैसले पर हमला बोला. मोदी ने कहा था कि इस निर्णय से ग़रीब चैन से सो रहा है और अमीरों की नींद उड़ी है.

उन्होंने इस पर तंज़ कसते हुए ट्वीट किया, "हज़ारों रईस और भ्रष्ट लोग क़तारों में खड़े हैं और ग़रीब लोग अपने घरों से खुशियां मना रहे हैं. बैंक अपने नागरिकों को कैश दे रहे हैं. ये अच्छे दिन का सबूत है."

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने नोटबंदी का फ़ैसला वापस लेने की मांग उठाई. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इस पूरे मामले की जांच कराने की बात भी कही.

संसद का सत्र 16 नवंबर से शुरू हो रहा है और विपक्षी दल सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे हैं.

विपक्षी दलों ने इस मामले पर सोमवार को भी बैठक की थी.

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