'क्रेडिट कार्ड से कैसे खाना खाएं'

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केंद्र सरकार की ओर से पांच सौ और हजार के पुराने नोटों पर लगाई गई पाबंदी पर संसद के बाहर ही नहीं अंदर भी चर्चा गर्म रही.

संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन बुधवार को विभिन्न राजनीतिक दलों ने सरकार के इस फैसले की निंदा की.

विपक्ष ने इसे आर्थिक आपातकाल बताते हुए सरकार पर आरोप लगाया कि पुराने नोटों पर पाबंदी लगाने से पहले चुने हुए लोगों को पहले से जानकारी दी गई है.

चर्चा के दौरान मांग की गई कि नोट पर पाबंदी की जांच संयुक्त संसदीय समिति यानी जेपीसी से होनी चाहिए.

केंद्रीय मंत्रीपीयूष गोयल: देश में ईमानदार का सम्मान हुआ है और बेईमानों का अपमान हुआ है. कई सालों से 50 फीसदी मुद्रा आरबीआई की तिजोरी में नहीं आए हैं और उनका अर्थव्यवसथा में उपयोग नहीं हो रहा. इसका मतलब है कि इतनी बड़ी राशि कहीं छिपी हुई है. यही वजह है कि नोटबंदी का फैसला लेना जरूरी था.

बसपा नेता मायावती : देश पर आर्थिक आपातकाल थोप दिया गया है. यह कदम भाजपा के लिए 2019 के चुनावों में पराजय के रूप में साबित होने जा रहा है.प्रधानमंत्री को सदन में आकर सदस्यों के सवाल के जवाब देने चाहिए. यह गंभीर मसला है. सदन के नेता और वित्त मंत्री अरुण जेटली के चेहरे का रंग उड़ा हुआ है.

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कांग्रेस नेता आनंद शर्मा : बड़े नोटों वाले कालेधन से लड़ने के लिए सरकार ने उससे भी बड़ा 2000 रूपए का नोट जारी किया है. ये चूरन बेचे जाने वाले कागज जैसा लगता है. और इसमें उड़ने वाला रंग भी है. मोदी सरकार में अचानक सभी सर्जन बन गए हैं.

जदयू नेता शरद यादव: भारतीय अर्थव्यवस्था में नकदी की हिस्सेदारी कुल जीडीपी की 12 से 14 प्रतिशत है. किसान, दिहाड़ी मजदूर, श्रमिक अपनी धोती में क्रेडिट कार्ड, चेक बुक या एटीएम कार्ड लेकर नहीं घूमते हैं. बैंकों ने 60,000 करोड़ रुपए का कर्ज़ माफ कर दिया है जिसमें 1,200 करोड़ रुपए का कर्ज विजय माल्या का भी है. लेकिन प्रधानमंत्री ने देश के ईमानदार लोगों को कतार में खड़ा करवा दिया है.

माकपा नेता सीताराम येचुरी : क्रेडिट कार्ड से कैसे खाना खाएं. असम में परसों उपचुनाव है, सो वहां के चाय बागानों के लिए सरकार ने छूट दी है, लेकिन बंगाल को क्यों नहीं? महाराष्ट्र में पुराने नोटों से सिनेमा टिकट खरीदने की इजाजत दी, लेकिन खाने के लिए नहीं. यह नकली नोटों पर रोक लगाने का सही तरीका नहीं है. छोटी मछलियां मर रही हैं और मगरमच्छ मजे कर रहे हैं. 130 करोड़ में से सिर्फ 2.6 करोड़ के पास क्रेडिट कार्ड है. ऐसे में कैशलेस लेनदेन कैसे संभव है.

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समाजवादी पाटी के नेता रामगोपाल यादव: देश के 10 प्रतिशत लोगों के पास 90 फीसदी धन है और बाकी 90 फीसदी के पास कुछ भी नहीं. चुनाव धनबल से नहीं दिल जीतकर जीता जाता है. गांवों में यदि घरेलू महिला से वोट मांगने जाएंगे तो वे आपको बेलन से पीटेंगी और आप पीठ पर हल्दी का लेप लगाकर आराम फरमाएंगे. ऐसे में आप चुनाव हार जाएंगे.

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