नोटबंदी: 'बिना परेशानी अच्छे दिन नहीं आएंगे'

इमेज कॉपीरइट AFP

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फ़ैसले से जहां लोगों के परेशान होने और इसका विरोध करने की रिपोर्टें आ रही हैं.

वहीं एक तरफ ऐसे लोग भी हैं जो मोदी के इस फ़ैसले के ना सिर्फ़ साथ में खड़े हैं बल्कि वो ख़ुश भी हैं.

यहां बीबीसी ने कुछ ऐसे ही लोगों से उनकी राय जाननी चाही है.

सिकंदर (ऑटो चालक)

Image caption सिकंदर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहुत अच्छा काम किया है. कालाधन इसी रास्ते से आ सकता है और आने वाले दिन बहुत अच्छे होने वाले हैं. महंगाई भी कम होगी और चीजें सस्ती होंगी.

मेरे धंधे पर इस फ़ैसले से बहुत फ़र्क़ पड़ा है लेकिन मोदी ने अच्छा काम किया है. मेरा पूरा समर्थन है उनके साथ. आने वाले दिन में सबको रोटी मिलने वाली है.

बैंकों और एटीएम में भले ही लाइन में लगने में परेशानी हो रही हो लेकिन जब तक परेशानी नहीं होगी तब तक अच्छे दिन नहीं आएंगे.

मैं परेशानी झेलने के लिए तैयार हूं. मुझे ऐसे लोग भी मिले हैं जो कहते हैं कि मेरे पास काले धन के रूप में तीस करोड़ रुपये है.

मैं उनसे कहता हूं कि मुझे दो लाख रुपये दो मैं उसे व्हाइट मनी बना कर दूंगा. उसने देने को भी कहा और नंबर भी लिया लेकिन उसने फोन नहीं किया.

ऋचा मिश्रा (मोदी समर्थक)

Image caption ऋचा मिश्रा

मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 के नोट बंद करने के फ़ैसले का स्वागत करती हूं. चार दिन पहले मैं भी बैंक की लाइन में खड़ी हुई थी. वहां भी लोग इस कदम को लेकर काफी सकारात्मक थे.

उनका यही कहना था कि भले ही अभी हमें तीन घंटे लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है लेकिन आगे हमारा भविष्य अच्छा होने वाला है.

इसलिए इस फ़ैसले के लिए थैंक्स टू मोदी.

आयशा (हाउस वाइफ़)

Image caption आयशा

देखिए न कितनी परेशानी है. बच्चे को लेकर सुबह से लाइन में हैं, मेरे पति मना कर रहे थे आप से बात करने के लिए लेकिन मैं आ गई.

मेरे पति एक ऑटो रिक्शा चालक हैं.

मोदी अच्छा काम कर रहे हैं और हम उनकी बात से राज़ी हैं लेकिन एक बात बताइए, लिमिट क्यों है पैसे पर?

एक बार दस हज़ार निकाल लेती मेरा हफ़्ते भर का काम चल जाता, कोई दिक्कत नहीं होती, बार बार लाइन में नहीं लगना पड़ता.

थोड़ा देश के लिए करना पड़ता है, लेकिन महिलाओं, बच्चों के लिए भी तो इंतज़ाम होने चाहिए न?

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे