'आज आधी रात से कहीं नहीं चलेंगे पुराने बड़े नोट'

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नोटबंदी के 15 दिन पूरे हो गए हैं. आठ नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि अब 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट नहीं चलेंगे.

दैनिक भास्कर ने ख़बर छापी है कि आज (गुरुवार से) आधी रात से पुराने बड़े नोट कहीं नहीं चलेंगे, सिर्फ बैंक में ही जमा किए या बदले जा सकेंगे.

बैंकों में पुराने नोट जमा करने के लिए अब भी 36 दिन का वक्त और है.

अख़बार ये भी लिखता है कि सरकार आज ज़रूरी जगहों पर पुराने नोट चलाने की छूट कुछ दिन के लिए बढ़ा सकती है, फिलहाल राहत देने के लिए डेबिट कार्ड पर सर्विस चार्ज बंद कर दिया गया है.

फ़िलहाल पेट्रोल पंप, सरकारी अस्पताल, ट्रेन-हवाई जहाज़ और मेट्रो के टिकट, दूध बूथ, बिजली पानी बिल, शवदाह गृह, कब्रिस्तान, स्थानीय निकाय पेंडिंग बिल, फार्मेसी, कोर्ट फीस जैसी सुविधाओं में पुराने बड़े नोट चल रहे थे.

नोटबंदी के बाद कैशलेस इकोनॉमी की चर्चा के बाद सरकारी पेमेंट बैंक सुविधा की पहल भी की गई है.

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने लिखा है कि एयरटेल कंपनी ने राजस्थान में पहले पेमेंट्स बैंक का पायलट लॉन्च किया है जिसमें बचत खाते पर 7.25 फ़ीसदी का ब्याज दिया जाएगा.

भारत में बचत खाते ज़्यादातर बैंक चार से छह फ़ीसदी के करीब ब्याज देते हैं. आरबीआई ने एयरटेल को पहला पेमेंट्स बैंक लाइसेंस जारी किया है.

एयरटेल पेमेंट्स बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ शशि अरोड़ा ने कहा, ''इस पायलट के साथ हमने बैंकिंग सेवा की तरफ़ बड़ा कदम उठाया है और पूरे भारत में ये सेवा शुरू करने के लिए हम अपनी तैयारी का जायज़ा लेंगे .''

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टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने ख़बर दी है कि नोटबंदी के बाद पुराने नोटों की गड्डियों को कानूनी नकदी में बदलने के लिए हरियाणा से नागालैंड भेजना कुछ अजीब लग सकता है लेकिन इसके पीछे भी एक तर्क है.

भारतीय आयकर व्यवस्था में एक सीमा के नीचे की आय वालों और कुछ ख़ास लोगों को आयकर से छूट मिली है जिसका इस्तेमाल कुछ लोग काले धन को सफेद में बदलने के लिए कर रहे हैं.

उत्तर पूर्वी राज्यों नागालैंड, मणिपुर, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मिज़ोरम में कुछ अनुसूचित जनजाति के लोगों को आयकर से छूट मिली हुई है.

असम के उत्तरी काचर हिल्स और मिकिर हिल्स, मेघालय की खासी हिल्स और जैंतिया हिल्स और जम्मू कश्मीर में लद्दाख़ के अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को आयकर में छूट मिली हुई है.

मंगलवार को एक चाटर्ड फ़्लाइट से नागालैंड के दीमापुर लाई गई 3.5 करोड़ की नकदी जो अचानक गायब हुई थी, अब नाटकीय अंदाज़ में वापस मिली है. इस मामले में नागालैंड के एक सांसद के दामाद को पकड़ा गया है.

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इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने पूछा है कि केंद्र सरकार अगर भ्रष्टाचार के सफ़ाए की बात करती है तो पिछले दो साल में क्यों कोई लोकपाल नियुक्त नहीं किया गया है.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि नागरिक अधिकार समूहों के लंबे संघर्ष के बाद लोकपाल का कानून पास किया जा सका था और इसे लागू किया जाना चाहिए चाहे मौजूदा सरकार चाहे या ना चाहे.

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