बिस्कुट के डिब्बों में हो रही थी बच्चों की तस्करी

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Image caption दो साल में तीस से ज़्यादा नवजात शिशु बेचे गए

पश्चिम बंगाल के एक अस्पताल में बिस्कुट के डिब्बों में नवजात शिशुओं के मिलने के बाद पुलिस कथित तौर पर बच्चों की तस्करी के मामले की जांच कर रही है.

कोलकता से 80 किलोमीटर दूर बदुरिया के एक अस्पताल में छापे के दौरान पुलिस ने दो बच्चे बरामद किए जो तीन दिन पहले जन्मे थे. इस मामले में पुलिस ने 13 लोगों को गिरफ़्तार किया है.

पुलिस ने एक छह दिन का बच्चा अलग कमरे में बरामद किया.

बीबीसी संवाददाता राहुल टंडन को पुलिस ने बताया कि ये बच्चे नि:संतान दंपत्ति को बेचे जाते थे.

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बीएल मीना ने बताया, "ये अस्पताल उन अकेली महिलाओं को निशाना बनाता था जो गर्भपात करवाने आती थीं, उनके सामने जन्म के बाद उनका बच्चा खरीदने की पेशकश रखी जाती थी."

पुलिस के मुताबिक अस्पताल लड़के के लिए तीन लाख रुपए और लड़की के लिए एक लाख रुपए लेता था. जिन बच्चों का रंग गोरा होता था उनकी क़ीमत बढ़ा दी जाती थी.

पुलिस अधिकारी मीना ने बताया कि कुछ मामलों में ग़रीब औरतों के बच्चों को जन्म के फौरन बाद चोरी कर लिया गया. उन माओं से कहा जाता था कि जन्म के दौरान उनके बच्चे की मौत हो गई.

बीएल मीना ने बताया ''जब महिलाएं अपने मृत बच्चे को देखने की मंशा ज़ाहिर करतीं तो उनको ना देखने की सलाह दी जाती थी. इसलिए कई माएं बिना बच्चे को देखे ही वापस लौट जाती थीं. अगर वो बच्चे को देखने के लिए ज़ोर देतीं तो उन्हें चुप रहने के लिए रिश्वत दी जाती थी.''

पुलिस का मानना है कि पिछले दो साल में 30 से ज़्यादा बच्चों को दिल्ली, चेन्नई और ब्रिटेन में बेचा गया है.

पुलिस अब बच्चों और उनके माता-पिता को ढूंढने की कोशिश कर रही है.

गिरफ़्तार किए गए लोगों में अस्पताल के मालिक और कर्मचारी शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ़्तारियां संभव हैं.

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