#100Women : किसी को नहीं दूंगी अपना बच्चा

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13 साल की लड़की की कहानी जिसने अपने बच्चे को गोद देने से इंकार किया.

बीबीसी की विशेष सीरीज़ #100Women में 13 साल की लड़की की आपबीती जिसका बलात्कार किया गया. इस हिम्मती लड़की ने न केवल अपना बच्चा पैदा करने की हिम्मत दिखाई बल्कि गरीब होने बावजूद खुद उसे पालना चाहती है. इस लड़की की कहानी उसी की जुबानी.

पिछले साल बारिश में मेरा घर ढह गया था. उसके (जिसने मेरा बलात्कार किया) पिता ने कहा तुम लोग मेरे घर में आकर रह सकते हो.

मेरे परिवार वाले यहां घर बनाने आ जाते और मैं खाना बनाने उसके घर में रह जाती.

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वो मुझे छेड़ने लगा और हंसता रहता. फिर वो मुझसे ज़बरदस्ती शारीरिक संबंध बनाने लगा.

उसने मुझे कहा कि किसी को ये सब मत बताना. मैं तुमसे निकाह कर लूंगा. वो मुझे धमकी देने लगा कि अगर तुमने किसी को बताया तो मैं तुम्हें मरवा दूंगा.

उसके भाई बदमाश है. मैंने डर के कारण अपने घरवालों को नहीं बताया.

मुझे पहले महीना आता था लेकिन ज़बरदस्ती करने के बाद मुझे दो तीन महीने तक महीना नहीं आया और फिर मेरे पेट में दर्द हुआ. उसने मेरे साथ दो-तीन बार ज़बरदस्ती की थी.

मैंने इस बारे में सबसे पहले मेरी चाची को बताया. मेरे माता-पिता ने कुछ नहीं कहा.

मेरा पूरा परिवार उनके घर गया. उसके पिता ने अपने बेटे को भगा दिया और मुझे पीटकर सड़क पर डाल दिया.

हम लोगों ने डॉक्टरी जांच करवाई तो उन्होंने कहा कि तीन महीने हो चुके हैं और अबार्शन के लिए समय ज़्यादा हो गया है.

मेरे माता-पिता ने तो कुछ नहीं कहा लेकिन मेरे भाइयों ने कहा कि इसे घर से निकाल दो. अगर ये घर पर रहेगी तो हम घर नहीं आएंगे. जब मेरे माता-पिता ने उनकी बात नहीं मानी तो मेरे भाइयों ने घर छोड़ दिया.

हम इस मामले में रिपोर्ट लिखाने गए. तीन दिन तक एसओ ने रिपोर्ट ही नहीं लिखी.

इन लोगों ने एसओ को पैसे दे दिए और मेरी उम्र 18 साल लिखवा दी जबकि ट्रांसफर सर्टिफिकेट में उम्र 13 साल है.जब एफआईआर लिखी तो एसओ ने तीन दिन के बाद कोर्ट में रिपोर्ट भेजी.

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कोर्ट हमें लटकाता रहा कि आज आना... कल आना.... कोर्ट में बच्चा गिराने के लिए इज़ाजत मांगी. जब मेडिकल जांच हुई तो डॉक्टर ने कहा देर हो गई है अब गर्भपात नहीं हो सकता.

जब डॉक्टर ने कहा कि ज़्यादा समय हो गया है तो मेरे मन में आया कि ये मेरा बच्चा है, मैं ये बच्चा पैदा करूंगी.

मेरे पेट में दर्द हुआ तो मैंने अपनी मां को बताया. लेकिन देर हो गई और मेरा बच्चा एंबुलेंस में ही हो गया.

अस्पताल में लोग (जिसने मेरा बलात्कार किया था उस परिवार के ) आए मेरा बच्चा लेने के लिए लेकिन मैंने मना कर दिया. घर पर भी आए लेकिन मैंने कहा कि ये मेरा बच्चा है.

मैं जानती हूं कि मेरा परिवार गरीब है लेकिन मैं मज़दूरी करूंगी, नरेगा में काम करूंगी लेकिन अपना बच्चा खुद पालूंगी.

पुलिस का कहना था कि शादी कर लो, लड़के वाले कहते हैं निकाह तो कर लेंगे लेकिन दो तीन महीने बाद छोड़ भी सकते हैं.

मैं उस लड़के से शादी तो करना चाहती हूं कि लेकिन अगर कोर्ट कहेगा तभी. अगर मैंने ऐसे ही शादी की तो ये मुझे छोड़ भी सकते हैं.

कोर्ट में शादी करने से मज़बूती रहेगी. ऐसे इंसान का क्या भरोसा? किसी और के साथ भी वो कर सकता है. शादी करता है तो ठीक है नहीं तो वो जेल में रहे.

पहले मोहल्ले वाले हमारे घर पर आते थे लेकिन अब कोई नहीं आता. ये लोग कहते हैं हमारा घर गंदा हो गया है.

मुझे कोई दुख नहीं है अगर नहीं आते हैं तो न आएं.

(बीबीसी संवाददाता सुशीला सिंह से बातचीत के आधार पर)

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