मोदी की चेतावनी- ग़रीबों का फ़ायदा नहीं उठाएं कालेधन वाले

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Image caption पीएम मोदी ने 'मन की बात' में दिया नया नारा.

सरकारी रेडियो चैनल 'ऑल इंडिया रेडियो' पर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ख़ास कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देश को एक बार फिर संबोधित किया है.

अपने संबोधन में उन्होंने नोटबंदी के फ़ैसले और उसके महत्व पर बात की. साथ ही देश के नौजवानों से अपील की है कि वे इस अभियान को सफ़ल बनाने में उनकी मदद करें.

पीएम मोदी ने काले धन को बचाने की कोशिश कर रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे इस अभियान के बाद भी सुधरे या नहीं सुधरें, लेकिन काले पैसे को बचाने के लिए ग़रीबों को नाजायज़ फ़ायदा न उठाएं.

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कार्यक्रम के अंत में पीएम मोदी ने हिंदी के नामी कवि हरिवंशराय बच्चन को उनकी जयंती पर नमन किया. साथ ही स्वच्छ भारत अभियान के ब्रांड एंबेसेडर अमिताभ बच्चन के दिए नारे को दोहराया. उन्होंने कहा, "स्वच्छ मन, स्वच्छ तन, स्वच्छ भारत, मेरा परिचय."

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मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में जो बातें कहीं, उन्हें विस्तार से पढ़ें:

दिवाली, फ़ौज और कश्मीर के बारे में...

  • इस साल मैंने हिमालय की ऊंचाई पर जाकर भारतीय जवानों के साथ दीवाली मनाई.
  • यह दीवाली पूरे देश के लिए भारतीय जवानों को समर्पित थी. यह ख़ुशी की बात है.
  • त्योहार में जवानों के साथ खड़ा होकर मैंने उनका हौसला बढ़ाया. जवानों से मिलकर बहुत आनंद मिला. देश भर से लोगों से सेना को अपने संदेश भेजे.
  • जब पूरा देश सेना के साथ होता है, तो जवानों की हिम्मत 125 करोड़ गुना बढ़ जाती है.
  • कश्मीर में बच्चों के स्कूल नहीं जलाए गए, बल्कि उनका भविष्य जलाया गया है.
  • लेकिन बच्चों ने स्कूल एग्ज़ाम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. यह संकेत है कि कश्मीर का भविष्य उज्जवल है.
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नोटबंदी के फ़ैसले पर...

  • 8 नवंबर को लिया गया नोटबंदी का निर्णय सामान्य नहीं है. यह फ़ैसला लागू करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है.
  • मुझे अंदाजा था कि नोटबंदी से उबरने में 50 दिन का वक्त तो लगेगा ही.
  • भ्रमित करने वाले तमाम प्रयासों के बीच भी लोगों ने सच्चाई के इस मार्ग को चुना है. पूरा विश्व भारतीय जनता को बारीकी से देख रहा है.
  • 70 साल की बीमारियों की रातोंरात समाप्त कर देना सरल नहीं है. इसके लिए यह फ़ैसला थोड़ा कठिन लगता है.
  • मुझे भरोसा है कि मेरे देशवासी देश को सुधारने का अपना यह संकल्प जरूर पूरा करेंगे.
  • इस महायज्ञ में शामिल देश की जनता पर मुझे विश्वास है. ये जनता उसे सफ़ल बनाकर रहेगी.

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मकसद की बात, एक बार फ़िर...

  • हर आदमी के पास पैसे के लेनदेन के लिए कार्ड हो, पूरी अर्थव्यवस्था कैशलेस हो, सोसायटी कैशलेस हो, यही हमारा मकसद है.
  • मोबाइल को अपना ई-बटुआ बनाएं, क्योंकि मोबाइल पर ही पूरी अर्थव्यवस्था को खड़ा करना है.
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कालेधन वालों को चेतावनी...

  • कुछ लोग अब भी अपने काले पैसे को ग़रीबों का फ़ायदा उठाकर बदलने की कोशिश कर रहे हैं.
  • ऐसे लोगों से मैं कहना चाहता हूं कि वे सुधरें या नहीं सुधरें, यह उनकी मर्जी. लेकिन ग़रीबों का फ़ायदा नहीं उठाएं. मैं नहीं चाहता कि मेरे प्यारे ग़रीबों को मुसीबत झेलनी पड़े.
  • बेनामी संपत्ति कानून बेहद सख़्त होगा. इससे बचना भी होगा मुश्किल.

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देश की ताकत का ज़िक्र...

  • सेवाभाव, त्यागभाव, प्रमाणिकता और आपसी भरोसा है मेरे देशवासियों को सच्ची ताकत.
  • इस अभियान का कुछ लोगों को तत्काल लाभ मिला है.
  • पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष बुआई बढ़ी है. किसानों ने इस मुश्किल घड़ी में भी रास्ते निकाले हैं.
  • छोटो व्यापारी अब तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं. डिजिटल होने की ओर बढ़ रहे हैं.
  • छोटे व्यापारी के पास अपना बाज़ार बढ़ाने का मौका है.
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...और एक अपील

  • लोग इस अभियान का ही नहीं, बल्कि देश में हो रहे बदलाव का भी नेतृत्व करें.
  • नई व्यवस्था का मकसद हर छोटे से छोटे आदमी को बैंकिंग से जोड़ना है. मजदूर भाई बहन इसका फ़ायदा ज़रूर उठाएं.
  • 65% जनसंख्या 35 साल से कम हैं भारत में. ये सभी लोग इस अभियान को सकारात्मक ढंग से देखते हैं. ये नौजवान ही मेरे सच्चे सिपाही हैं.
  • नए लोगों को पुरानी पीढ़ी का साथ देना होगा. अनुरोध है कि नौजवान रोज़ 10 परिवारों को तकनीक सिखाएं.

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