नोटबंदी- आरबीआई गवर्नर के 7 आश्वासन

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नोटबंदी के फ़ैसले और उसके बाद लोगों को हुई दिक्कतों के बीच ये सवाल कई बार उठा कि रिज़र्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल इस फैसले पर कोई बयान क्यूं नहीं दे रहे हैं.

हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी की घोषणा के तत्काल बाद बयान दिया था.

उर्जित पटेल ने अब अपनी चुप्पी तोड़ी है.

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समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि ईमानदार नागरिकों की परेशानी को कम करने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं.

एक नज़र उन प्रमुख बातों पर जो उर्जित पटेल ने इस साक्षात्कार में कही हैं-

1. हज़ार-500 के पुराने नोट वापस लेने के फ़ैसले से पैदा हुए हालात पर हर रोज़ नज़र रखी जा रही है. नोट प्रिंटिग प्रेसों ने 100 और 500 के नोटों को ध्यान में रखते हुए छपाई के काम में दोबारा संतुलन कायम कर लिया है.

2. नए नोटों का आकार और कागज का स्वरूप पुराने से अलग है. वो इस हिसाब से बनाया गया है कि कोई आसानी से उसकी नकल नहीं कर सके.

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3. लोगों को भुगतान के लिए डेबिट कार्ड्स और डिज़िटल वॉलेट जैसे विकल्पों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करना चाहिए, इससे लेनदेन आसान और सस्ता होगा.

4. बैंकों से कहा जा रहा है कि वे क़ारोबारियों को प्वाइंट ऑफ़ सेल (पीओएस) मशीनें ज्यादा से ज्यादा मुहैया कराएं ताकि लोग डेबिट कार्ड्स का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर सकें.

5. रिज़र्व बैंक और सरकार दोनों ही इस बात का ध्यान रख रहे हैं कि नोट प्रिटिंग प्रेस अपनी पूरी क्षमता के साथ काम करें ताकि नए नोटों की मांग पूरी की जा सके.

6. बैंक और एटीएम के बाहर क़तार कम होती जा रही है, बाज़ार में दोबारा रौनक लौट रही है और रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों की खपत में कथित कमी जैसी कोई बात नहीं है.

7. एटीएम मशीनों को नए नोटों के हिसाब से फिट बनाने के लिए लगभग 40-50 हज़ार लोगों को काम पर लगाया गया है.

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