जेलब्रेक के पीछे हो सकता है पाक का हाथ: सुखबीर बादल

इमेज कॉपीरइट Ravinder Singh Robin

पंजाब के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री सुखबीर बादल ने आरोप लगाया है कि नाभा जेल से छह क़ैदियों के फ़रार होने के पीछे पाकिस्तान का हाथ हो सकता है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, सुखबीर बादल का कहना है कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान चरमपंथ को दोबारा उभारना चाहता है.

भारत में जेलब्रेक: दो साल में 185 क़ैदी फ़रार

पंजाब पुलिस ने फ़रार क़ैदियों के बारे में कोई भी सुराग देने वाले व्यक्ति को 25 लाख रुपये का ईनाम देने की घोषणा भी की है. इस सिलसिले में उत्तर प्रदेश के शामली से एक शख़्स को गिरफ़्तार किया गया है.

शामली के एसपी अजयपाल शर्मा ने स्थानीय पत्रकार समीरात्मज मिश्र से परमिंदर सिंह की रविवार शाम गिरफ़्तारी की पुष्टि की है.

अजयपाल शर्मा ने बताया, "परमिंदर सिंह पर नाभा जेल से क़ैदियों को भगाने का आरोप है. फिलहाल पूछताछ जारी है. "

उत्तर प्रदेश के एडीजी, लॉ एंड ऑर्डर दलजीत सिंह चौधरी ने पत्रकारों को बताया कि नाभा से फ़रार हुए क़ैदियों के नेपाल की तरफ़ भागने की आशंका थी, जिस वजह से वहां जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी की गई थी.

इमेज कॉपीरइट Ravinder Singh Robin

चौधरी ने कहा, ''नेपाल की तरफ जाने वाले रास्तों पर नाकाबंदी की गई थी. उसी में शामली के पास गाड़ी में सवार परमिंदर को पकड़ा गया. ये ख़ुद भी फ़रार क़ैदी है जो पंजाब पुलिस के सब-इंस्पेक्टर की हत्या के आरोप में सज़ा काट रहा था.''

उन्होंने बताया, ''उसके पास से एक एसएलआर, तीन राइफ़ल और कई कारतूस बरामद मिले हैं.''

सुबह हुई जेलब्रेक, अधिकारी बर्ख़ास्त

स्थानीय पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन के अनुसार नाभा सेंट्रल जेल से रविवार की सुबह छह क़ैदियों के फ़रार होने के बाद राज्य सरकार ने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (जेल) एमके तिवारी को निलंबित कर दिया है जबकि जेल अधीक्षक और उपाधीक्षक को बर्खास्त किया गया है.

पंजाब में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने क़ैदियों के फ़रार होने की इस घटना को 'क़ानून-व्यवस्था की बदहाली' का मामला बताया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक जेल से फ़रार हुए क़ैदियों में ख़ालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के प्रमुख हरमिंदर मंटू भी हैं.

स्थानीय पत्रकार रविंदर सिंह रॉबिन ने बताया है कि पुलिस ने फ़रार हुए कैदियों की पहचान गोंदर गिरोह के सरगना विक्की गोंदर, गुरप्रीत शेखू, नीटा देओल और अमनदीप धोतिया बतायी है.

पंजाब के पुलिस महानिदेशक सुरेश अरोड़ा ने मीडिया से बातचीत के दौरान माना है कि पुलिस से इस मामले में चूक हुई है.

रविंदर सिंह रॉबिन के अनुसार ये सभी क़ैदी रविवार को तब फ़रार हुए जब उन्हें पटियाला से कुछ किलोमीटर दूर नाभा सेंट्रल जेल से भारतीय समयानुसार सुबह 9.30 बजे उन्हें पेशी के लिए ले जाया जा रहा था.

उनके अनुसार, ''ये क़ैदी पहले से ही जेल के गेट पर मौजूद थे, इस दौरान फॉर्च्यूनर और एंडेवर कार से कुछ लोग आए जिन्होंने जेल के गार्ड पर गोलियां चलाईं. गोलियां चलने से मची अफ़रा-तफ़री का फ़ायदा उठाकर ये हमलावर सभी क़ैदियों को भगा कर ले गए.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे