बंगाल में टोल नाकों पर सेना, दफ़्तर में ममता

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में राज्य सचिवालय 'नबन्ना' के पास स्थित टोल प्लाज़ा पर तैनात सेना को आधी रात के बाद हटा लिया गया है. लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अभी भी सचिवालय में मौज़ूद हैं.

कोलकाता को छोड़ राज्य के बाकी के हिस्से में स्थित टोल प्लाज़ों पर अभी भी सेना तैनात है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सेना ने इस नाके से हटने की वजह अभी नहीं बताई है.

बीबीसी संवाददाता अमिताभ भट्टसाली के मुताबिक़ राज्य के कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी सचिवालय में ममता के साथ हैं.

ममता बनर्जी का कहना है कि भले ही कोलकाता के एक टोल से सेना हटा ली गई है. लेकिन राज्य के उत्तरी हिस्से दार्जिलिंग से दक्षिण में मेदिनीपुर तक से जबतक सेना नहीं हटा ली जाती, वो सचिवालय में ही रहेंगी.

ममता बनर्जी ने गुरुवार रात 9 बजकर 50 मिनट पर ट्वीट कर बताया था कि बंगाल राज्य सचिवालय के बाहर सेना तैनात कर दी गई है.

उन्होंने ट्वीट में कहा, "पुलिस के विरोध के बावजूद अति सुरक्षित इलाक़े में सेना भेजना दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं सचिवालय में ही हूं और नज़र रख रही हूँ अपने लोकतंत्र की रक्षा करने के लिए."

इसके आधा घंटा बाद किए ट्वीट में ममता ने कहा, "जब तक सचिवालय से सेना नहीं हटा ली जाती मैं लोकतंत्र की रक्षा के लिए सचिवालय में ही रहूंगी.

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उन्होंने यह भी कहा कि दो टोल नाकों पर बिना राज्य सरकार को बताए सेना तैनात कर दी गई है.

सेना का कहना है कि इस कार्रवाई की जानकारी पुलिस को दे दी गई थी. पहले यह कार्रवाई 28 नवंबर से होनी थी. लेकिन राज्य पुलिस के कहने पर ही इसे आगे बढ़ा दिया गया. वहीं राज्य सरकार का कहना है कि उसके पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है.

सेना के जवान दरअसल सचिवालय से डेढ़ सौ मीटर दूर स्थित एक टोल प्लाज़ा पर मौजूद हैं, न कि सचिवालय के सामने.

उधर, सेना के पूर्वी कमान ने ट्वीट कर कहा है, "सेना की ये कार्रवाई एक रूटीन गतिविधि है और पश्चिम बंगाल की पुलिस की जानकारी में इसे किया जा रहा है."

ट्वीट में आगे कहा गया है कि ये कयास लगाना कि टोल नाकों को सेना ने अपने नियंत्रण में ले लिया है, सरासर ग़लत है.

पूर्वी कमान ने एक और ट्वीट में कहा है कि उत्तर पूर्व के सभी राज्यों में सेना टोल नाकों पर गाड़ियों की पूछताछ की रूटीन कार्रवाई कर रही है.

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ट्वीट में आगे लिखा गया है कि असम में 18 जगहों पर, अरुणाचल में 13, पश्चिम बंगाल में 19, मणिपुर में 6, मेघालय में 5 और त्रिपुरा और मिज़ोरम में एक-एक जगहों पर सेना गाड़ियों की जांच कर रही है.

ईस्टर्न कमांड के इस ट्वीट के बाद ममता ने फिर से ट्वीट किया है, "ईस्टर्न कमांड ने पूरी तरह ग़लत और ध्यान बंटाने वाले तथ्य दिए हैं. हम आपका पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन कृपया लोगों को गुमराह न करें."

ममता ने अगले ट्वीट में ये भी लिखा है कि पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दार्जीलिंग, बैरकपुर, उत्तरी 24 परगना, हावड़ा, हुगली, मुर्शिदाबाद और बर्दवान ज़िलों में भी सेना तैनात की गई है.

इससे पहले तृणमूल कांग्रेस ने ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में जम कर हंगामा किया.

पार्टी का आरोप है कि जान बूझ कर उस विमान को ख़तरे में डालने की कोशिश की गई जिसमें ममता बनर्जी सवार थीं.

तृणमूल कांग्रेस ने ये आरोप लगाया कि इंडिगो एयरलाइंस के जिस विमान में ममता बनर्जी पटना से कोलकाता आ रही थीं उसका तेल ख़त्म हो गया था.

इसके बाद भी उसे उतरने की अनुमति 30 मिनट तक एयरपोर्ट का चक्कर काटने के बाद मिली.

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