'गोल्डमैन' ने इसलिए दान कर दिया सोना

इमेज कॉपीरइट Jagdish Gaikwad
Image caption जगदीश गायकवाड सोना पहनने के कारण गोल्डमैन के रूप में जाने जाते थे, अब (दायीं ओर) उन्होंने आभूषण उतार दिए हैं

केंद्र सरकार ने सोना रखने के नियम तय क्या किए, कल तक सोने से लदे रहने वाले जगदीश गायकवाड के सामने समस्या खड़ी हो गई.

मुंबई के पास पनवेल के निवासी जगदीश गायकवाड़ राजनेता है और अपने सोना खरीदने के शौक की वजह से इलाके में गोल्डमैन के नाम से जाने जाते हैं.

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया से जुड़े जगदीश गायकवाड़ हर समय करीब पांच किलो सोने के गहने पहना करते थे. लेकिन अब उन्होंने यह सोना मंदिर तथा रिश्तेदारों को दान कर दिया है.

पुश्तैनी गहने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा

इलाके में उन्हें सब गोल्डमैन के नाम से पहचानते थे. गायकवाड़ परिवार के हर सदस्य को सोने से लगाव है.

अकेले जगदीश गायकवाड़ के पास करीब सोने के कड़े, गले की चेन, अंगूठियाँ हैं, जो वह हमेशा पहना करते थे.

गायकवाड़ ने कहा, "सोना खरीदना मेरा शौक है. मैं पिछले कई साल से सोना खरीद रहा हूँ और अलग-अलग गहने पहनता हूँ. लेकिन अब सोना रखने की सीमा सामने आने के बाद मैं इतना सोना नहीं रख सकता. इसलिए मैंने यह सारा सोना मंदिर तथा रिश्तेदारों को दान करने का निर्णय लिया है."

वित्त मंत्रालय ने हाल ही में बयान जारी कर साफ़ किया है कि पुश्तैनी गहनों या घोषित आय से ख़रीदे गए सोने और गहने पर कोई टैक्स नहीं लगेगा.

वित्त मंत्रालय ने ये भी कहा है कि हर विवाहित महिला को 500 ग्राम, अविवाहित महिला को 250 ग्राम और पुरुषों को 100 ग्राम सोना रखने की छूट है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे