इनामी इंजीनियर का गुलाबी कारनामा

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Image caption पंजाब पुलिस के मुताबिक़ नकली नोट बनाने के मास्टरमाइंड 21 वर्षीय इंजीनियर अभिनव वर्मा है.

मोहाली के एसएसपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बीबीसी को बताया है कि नकली नोटों के साथ तीन लोग गिरफ़्तार किए गए हैं.

गिरफ़्तार लोगों में इंजीनियर अभिनव वर्मा भी हैं जो दृष्टिहीन लोगों की मदद के लिए एक डिवाइस बना कर चर्चा में आए थे.

अभिनव वर्मा को 102वें इंडियन साइंस कांग्रेस में भाषण देने के लिए भी आमंत्रित किया गया था. उन्हें प्रधानमंत्री मोदी से भी मिलवाया गया था.

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Image caption अभिनव वर्मा को 2015 में हुए 102वें इंडियन साइंस कांग्रेस में आमंत्रित किया गया था.

उनके साथ उनकी रिश्ते की बहन विशाखा वर्मा और सुमन नागपाल को भी गिरफ़्तार किया गया है.

पुलिस के मुताबिक़ विशाखा वर्मा और सुमन नागपाल की मदद से अभिनव वर्मा असली नोटों के बदले नकली नोट लोगों को देता था.

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Image caption पुलिस के मुताबिक चालीस लाख रुपए से अधिक क़ीमत के नकली नोट बरामद किए गए हैं.

मामले की जाँच कर रहे मोहाली पुलिस के अधिकारी हरसिमरन एस बल ने बीबीसी को बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि लाल बत्ती लगी एक ऑडी कार में नकली नोट हैं.

पुलिस ने इस सूचना के आधार पर गुरुवार को नाकेबंदी करके अभिनव वर्मा को गिरफ़्तार किया. उनके पास से चालीस लाख से अधिक के नकली नोट बरामद किए गए.

पुलिस के मुताबिक़ अभिनव वर्मा ने हाई क्वालिटी पेपर और स्कैनर और प्रिंटर का इस्तेमाल करके घर पर ही ये नोट छापे थे.

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Image caption अपने लिंक्डइन प्रोफ़ाइल पर अभिनव वर्मा ने लिखा हैकि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मानित किया था.

हरसिमरन बल के मुताबिक़ वो पुराने नोटों के बदले तीस प्रतिशत कमीशन लेकर ये नए नकली नोट लोगों को दे रहे थे.

उनके मुताबिक़ तीन लोगों ने अभिनव वर्मा और सहयोगियों के ख़िलाफ़ शिकायत दी है.

पुलिस अभी ये जाँच कर रही है कि अभिनव वर्मा ने कुल कितने रुपए के नोट प्रकाशित किए और क्या वो उन्हें बाज़ार में चला भी पाए या नहीं.

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Image caption पुलिस के मुताबिक़ अभियुक्तों ने घर पर स्कैनर प्रिंटर से ये गुलाबी नोट छाप लिए थे.

पुलिस के मुताबिक़ वर्मा ने उच्च गुणवत्ता के नकली नोट छापे थे जिनके उपर गड्डी में एक असली नोट रख दिया गया था.

फोरेंसिक सबूतों की तलाश के लिए पुलिस ने अभिनव वर्मा के कंप्यूटर, लैपटॉप और सोशल मीडिया अकाउंट भी जब्त किए हैं.

पुलिस उन सब लोगों से पूछताछ करेगी जिनसे अभिनव वर्मा ने संपर्क किए थे.

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Image caption भारत सरकार ने पाँच सौ और हज़ार रुपए के पुराने नोट प्रतिबंधित कर दो हज़ार रुपए के नए नोट जारी किए हैं.

पुलिस जांच में सामने आया है कि वर्मा ने मैसूर की पेपर मिल के अधिकारियों से भी संबंध स्थापित किए थे.

पुलिस ये जाँच कर रही है कि मैसूर पेपर मिल में वर्मा किन अधिकारियों के संपर्क में थे.

ये मिल नोट बनाने के लिए भारत सरकार को क़ाग़ज़ सप्लाई करती है.

अभिनव वर्मा और बाक़ी अभियुक्तों को अदालत ने 05 दिसंबर तक पुलिस रिमांड में भेज दिया है.

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