अपोलो ने कहा जयललिता को बचाने की कोशिश जारी

इमेज कॉपीरइट OTHERS

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के समर्थक अपोलो अस्पताल के बाहर तोड़ फोड़ कर रहे हैं. समर्थकों के कुर्सियों के फेके जाने की तस्वीरें भारतीय टीवी चैनलों पर देखी जा सकती हैं.

अपोलो अस्पताल के ताज़ा ट्वीट के अनुसार डॉक्टरों की टीम जयललिता को बचाने की पूरी कोशिश कर रही है.

इस बीच सोमवार सुबह अपोलो अस्पताल में ही विधायकों की बैठक बुलाई गई.

ख़बरों के मुताबिक़ इस बैठक में आपात स्थिति के लिए अहम फ़ैसले लिए गए.

विधायकों की इस बैठक में जयललिता की बिगड़ती हालत को देखते हुए ख़राब से ख़राब परिस्थितियां होने पर उनकी ज़िम्मेदारी पनीरसेल्वम को सौंपे जाने पर आम सहमति बनी है.

इस बीच चेन्नई के पुलिस आयुक्त ने एक बयान जारी कर कहा है कि सभी पुलिसकर्मी अगले आदेश तक ड्यूटी पर तैनात रहेंगे. पूरे चेन्नई को अलर्ट पर रखा गया है.

साथ ही सारे संयुक्त आयुक्त से कहा गया है कि पुलिस स्टेशनों में सिर्फ़ उतने ही पुलिस बल रखें जो कि बहुत ज़रूरी हों और बाक़ी पुलिस बल को बंदोबस्त ड्यूटी के लिए तैयार रखा जाए.

बीमारी के बाद जब से जयललिता अस्पताल में हैं तब से पनीरसेल्वम ही उनका कार्यभार संभाल रहे हैं.

जयललिता फ़िल्मों से राजनीति में कैसे पहुँचीं?

जयललिता तमिलनाडु की अम्मा क्यों हैं?

हालंकि पनीरसेल्वम के अलावा जयललिता के मंत्रीमंडल से एडेप्पाडी, पणनीसामी और थंगमणी के नाम भी चर्चा में हैं.

इस बैठक में जयललिता की ख़ास शशिकला को भी पार्टी के अहम पद देने की चर्चा की गई.

सभी विधायकों को आलाकमान के अगले आदेश तक चेन्नई ना छोड़ने के लिए कहा गया है.

इस बीच जयललिता की बीमारी पर लंदन ब्रिज अस्पताल के डॉक्टर रिचर्ड बेएल ने बयान जारी किया है.

प्रोफ़ेसर रिचर्ड अपोलो अस्पताल के लिए जयललिता की सेहत पर सलाह व निगरानी रखने वाले डॉक्टरों में से हैं.

डॉक्टर रिचर्ड के अनुसार जयललिता की सेहत पर वो बराबर नज़र रखे हुए हैं. रिचर्ड के मुताबिक़, ''बदक़िस्मती से उनकी तबीयत काफ़ी नाज़ुक बनी हुई है और इन हालात में वह और बिगड़ या बदतर हो सकती है. लेकिन मैं सुनिश्चित करता हूं कि इस सदमें से उन्हें उबारने के लिए हम जो बेहतर हो सकता है वो करेंगे.''

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)