'जयललिता ने कहा परफ़ेक्ट आदमी नहीं मिला'

इमेज कॉपीरइट Others/AP

तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता का चेन्नई के एक अस्पताल में सोमवार रात को निधन हो गया. उनकी 68 साल की ज़िंदगी में सब तरह के रंग दिखाई देते हैं, कामयाबी, शोहरत और बुलंदी के साथ साथ अभाव और संघर्ष.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
68 साल की जयललिता 22 सितंबर से अपोलो अस्पताल में भर्ती थीं.

जयललिता के जीवन से जुड़ी 10 दिलचस्प बातें, उनकी ही ज़ुबानी.

1. मेरी मां तमिल फ़िल्मों में कैरेक्टर रोल किया करती थीं, उसके चलते स्कूल में मेरे साथी मेरा ख़ूब मज़ाक उड़ाते थे. तब मैं उन्हें जवाब नहीं दे पाती थी, लेकिन घर आकर ख़ूब रोती थी. लेकिन मैं पढ़ाई में बहुत अच्छी थी. हर विषय में अच्छा करती थी, स्कूल में लगातार टॉप करती रही. (स्टार वर्ल्ड पर आने वाले सिम्मी ग्रेवाल के शो में जयललिता.)

पढ़िए- जयललिता तमिलनाडु की अम्मा क्यों हैं?

पढ़िए- जयललिता फ़िल्मों से राजनीति में कैसे पहुँचीं?

2. मेरे पास वैसा बैकग्राउंड नहीं था, जैसा एशिया की राजनीति की दूसरी महिलाओं के पास रहा. इंदिरा गांधी का जन्म नेहरू परिवार में हुआ था. श्रीमति सिरिमाओ बंडारनायके, पीएम रहे बंडारनायके की पत्नी थीं. बेनज़ीर भुट्टो, जुल्फ़िकार अली भुट्टो की बेटी थीं. ख़ालिदा ज़िया, ज़ियाउर रहमान की पत्नी थीं. शेख हसीना मुजीबुर रहमान की बेटी थीं, मेरे पास वैसी कोई पृष्ठभूमि नहीं, मैं एक सेल्फ़मेड वूमन हूं. (बीबीसी वर्ल्ड के हार्ड टॉक शो में करन थापर को दिए इंटरव्यू में जयललिता.)

3. मैं ना तो फ़िल्म की दुनिया में जाना चाहती थी और ना ही राजनीति में आना चाहती थी. फ़िल्मों में मां के प्रभाव में आई जबकि राजनीति में मुझे मेरे मेंटॉर एमजीआर लेकर आए. दोनों करियर चुनने में मेरा अपना कोई योगदान नहीं था. अगर मेरा वश चलता तो शायद मैं नहीं आती. (एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में जयललिता.)

इमेज कॉपीरइट Imran Quershi

4. मां के निधन के बाद उनकी जगह एमजीआर (एमजी रामचंद्रन) ने ले ली. वो काफी वॉर्म और दयालु थे. वो मेरे माता, पिता, फिलॉस्पर, फ्रेंड, गाइड - सबकुछ थे. एमजीआर मुझे राजनीति में लेकर आए ज़रूर लेकिन उसके बाद मुझे ख़ुद अपनी जगह बनानी पड़ी. मेरी मां और एमजीआर का मेरे जीवन पर बड़ा असर रहा. दोनों ने ही मेरे जीवन को बदला. (स्टार वर्ल्ड पर आने वाले सिम्मी ग्रेवाल के शो में जयललिता.)

5. मैं रोज़ चार बजे सुबह उठ जाती हूं, अगली सुबह एक बजे जगी रहती हूं. इस पूरे समय के दौरान मेरा ध्यान केवल काम, काम और काम पर होता है. (बीबीसी वर्ल्ड के हार्ड टॉक शो में 2004 में करन थापर को दिए इंटरव्यू में जयललिता.)

6. मेरा पहला क्रश नारी कॉन्ट्रैक्टर थे. केवल उनको देखने के लिए मैं टेस्ट मैच देखने के लिए जाती थी. शम्मी कपूर मेरे दूसरे फेवरिट क्रश थे. हालांकि उनसे कभी मिली नहीं. (स्टार वर्ल्ड पर आने वाले सिम्मी ग्रेवाल के शो में जयललिता.)

इमेज कॉपीरइट Imran Quershi

7. राजनीति में आने के बाद किसी नेता को आराम करने का वक़्त नहीं मिलता. मेरी कोई निज़ी ज़िंदगी नहीं है. ना ही मैं अकेली रहती हूं. मेरे साथ पार्टी के करोड़ों समर्थक रहते हैं. (इंडिया टुडे के संपादक रहे प्रभु चावला को 2005 में दिए इंटरव्यू में.)

8. मेरी फेवरिट फ़िल्म जंगली है. याहू वाली फ़िल्म. दो आंखे बारह हाथ का गाना ऐ मालिक तेरे बंदे हैं हम, मेरा फेवरिट गीत है. चोरी चोरी का गाना- 'आ जा सनम मधुर चांदनी में हम तुम मिले तो वीराने में भी आ जाएगी बहार' भी काफ़ी पसंद है. (स्टार वर्ल्ड पर आने वाले सिम्मी ग्रेवाल के शो में जयललिता.)

9. राजनीति में आने के बाद मुझे फ़िल्म देखने का वक्त ही नहीं मिलता. साल में एक फ़िल्म भी नहीं देख पाती हूं. (इंडिया टुडे के संपादक रहे प्रभु चावला को 2005 में दिए इंटरव्यू में.)

10. शादी में मेरा विश्वास रहा है. जब युवा थी, तो मैं भी शादी के सपने देखती थी. मैं भी हैप्पी फैमिली चाहती थी, लेकिन ये नहीं हो पाया. हक़ीकत ये है कि मुझे कोई परफ़ेक्ट आदमी मिला ही नहीं, जिससे मैं शादी कर लेती. शादी नहीं करने के अपने फ़ैसले का मुझे कोई अफ़सोस भी नहीं है. (स्टार वर्ल्ड पर आने वाले सिम्मी ग्रेवाल के शो में जयललिता.)

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे