प्रेस रिव्यू: 'भगवान के लिए संसद चलने दी जाए'

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दिल्ली से छपने वाले अख़बारों में तीन तलाक और कैशलेस ट्रांसजेक्शन पर रियायतों की खबरें छाई हुई हैं.

लेकिन संसद की कार्रवाई न चलने पर राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की नाराज़गी को भी कई अखबारों ने प्रमुखता से छापा है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार राष्ट्रपति ने कहा है- भगवान के लिए संसद को चलने दिया जाए.

राष्ट्रपति ने विपक्ष को निशाने पर लिया है और कहा है कि कुछ लोग हैं जो कार्रवाई नहीं चलने देते हैं. संसद के शीतकालीन सत्र में कई दिनों से संसद का कामकाज ठप पड़ा है.

लेकिन इन खबरों के बीच कुछ अलग सी खबरें भी हैं अखबारों में.

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हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट है कि दक्षिण दिल्ली के भिखारियों के फिंगप्रिंट लिए जाएंगे. ऐसा किए जाने का कारण उन दो लोगों की गिरफ्तारी है जिनके पास बड़ी मात्रा में चोरी से जुटाया पैसा बरामद हुआ है जबकि ये दोनों फ्लाइओवर के नीचे भिखारी की तरह रहते थे.

नवभारत टाइम्स ने अपनी एक खास रिपोर्ट में बताया है कि दिल्ली में पिछले कुछ समय में पांच सिंगल स्क्रीन सिनेमा हॉल बंद हुए हैं.

अखबार के अनुसार नोटबंदी के प्रभाव में दिल्ली का सिनेमाघर गोलचा सिनेमा भी पिछले दिनों बंद हुआ.

दैनिक जागरण ने अपनी फीचर स्टोरी में नोट प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं और लिखा है कि एक महीने बाद भी कैश की किल्लत है जबकि पूरी क्षमता से प्रिटिंग प्रेस काम कर रहे हैं.

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