नोटबंदी- इंटरनेट चलेगा, तभी तो इंडिया डिजिटल बनेगा

इमेज कॉपीरइट AFP/Getty Images

नोटबंदी की मार झेल रहे कई लोग इन दिनों डिजिटल लेन-देन सीखने या फिर ऐसी ट्रांज़ेक्शन बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन कई जगहों पर इंटरनेट कई लोगों का साथ नहीं दे रहा.

भारत में स्मार्टफ़ोन की संख्या 2016 के अंत तक 20 करोड़ पर पहुंचने की संभावना है, ऐसे में बड़ी आबादी अब भी इससे दूर है और ज़्यादातर लोग फ़ीचर फ़ोन रखते हैं. ऐसे लोग इंटरनेट के बिना भी डिजिटल बैंकिंग तक पहुंच सकते हैं, लेकिन सफ़र लंबा है.

ख़ास पेशकश- नोटबंदी के 50 दिनों का काउंटडाउन

नज़रिया- 'क्या नोटबंदी ने एक नए भ्रष्टाचार को जन्म दिया'

नकदी की दिक्कत से सरल तरीके से निपट रहा एक गांव

इसके लिए यूएसडीडी (Unstructured Supplementary Service Data) का इस्तेमाल कर सकते हैं. इन्हें क्विक कोड या फ़ीचर कोड भी कहा जाता है.

इसकी मदद से आप बिना इंटरनेट के वैप ब्राउज़िंग, प्री-पेड कॉलबैक, मोबाइल-मनी सर्विस इस्तेमाल कर सकते हैं.

इसमें आप फ़ोन पर हैश, स्टार और नंबर डायल कर बैंक की सुविधाओं का फ़ायदा ले सकते हैं और इसमें मैसेजिंग के ज़रिेए संचार करता है.

लेकिन ये समस्या का हल नहीं है और इंटरनेट की रफ़्तार गच्चा दे रही है. जब इंटरनेट की हालत की तुलना हम दूसरे देशों से करते हैं, तो तस्वीर और साफ़ हो जाती है.

कंटेंट डिलीवरी नेटवर्क सर्विस प्रोवाइडर अकामाई की 'स्टेट ऑफ़ द इंटरनेट - कनेक्टिविटी' रिपोर्ट ने भारत की इंटरनेट की स्पीड की पोल खोली है.

रिपोर्ट के मुताबिक़, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत और फिलिपींस ऐसे देश हैं जो 4MBPS के बेसिक स्टैंडर्ड तक नहीं पहुँच पाए हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP/Getty Images

ये दोनों देश 3.5 MBPS ब्रॉडबैंड की औसत स्पीड के साथ फ़ेहरिस्त में सबसे नीचे 114वें पायदान पर हैं. इस रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया में सबसे बेहतरीन इंटरनेट वाला देश दक्षिण कोरिया है, जहां औसत स्पीड 29 MBPS है.

और इंटरनेट की पीक स्पीड की बात करें तो बाज़ी मारी है सिंगापुर ने, जहां आपको किसी ख़ास समय में इंटरनेट 146.9 MBPS की रफ़्तार से भागता मिल सकता है.

दक्षिण कोरिया पीक स्पीड के मामले में चौथे नंबर पर है, जहां ये स्पीड 103.6 MBPS है.

नोटबंदी: सात समस्याएं जो अब तक कायम हैं

नोट छापने के लिए रिटायर्ड कर्मचारी भी बुलाए

इंटरनेट की पीक स्पीड की बात करें, तो भारत 25.5 MBPS के साथ एक बार फिर सूची में बिल्कुल नीचे नज़र आता है. इस फ़ेहरिस्त में वो 104वें पायदान पर है, जबकि फिलिपींस 29.9 MBPS के साथ उससे कहीं ऊपर 88वें स्थान पर है.

इमेज कॉपीरइट AFP/Getty Images

दुनिया में सबसे तेज़ औसत मोबाइल कनेक्शन स्पीड आपको ब्रिटेन में मिलेगी जो 27 MBPS है जबकि भारत में में औसत मोबाइल कनेक्शन स्पीड 3.2 MBPS है.

ऐसे में जब तक इंटरनेट की पहुंच और रफ़्तार बढ़ाने से जुड़ा इंफ़्रास्ट्रक्चर मज़बूत नहीं बनाया जाता, कैशलेस या लेस कैश दूर की कौड़ी लगती है.

और फिर बुज़ुर्ग, विकलांग और अशिक्षित-अर्धशिक्षित जनता को मोबाइल टेक्नॉलॉजी का इस्तेमाल करने लायक बनाना मामूली चुनौती नहीं है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)