रिजिजू भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद इस्तीफ़ा दें- कांग्रेस

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विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्रीय राज्यमंत्री किरेन रिजिजू पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के आरोप लगाते हुए उनका इस्तीफ़ा मांगा है.

कांग्रेस ने दावा किया है कि उसके पास ऑडियो और अन्य सबूत हैं जिनसे पता चलता है कि रिजिजू का अरुणाचल प्रदेश में बांध परियोजनाओं में हुए घोटाले में हाथ है.

वहीं किरेन रिजिजू ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस को आरोप लगाने के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए.

किरेन रिजिजू ने नवंबर 2015 में ऊर्जा मंत्रालय को लिखे पत्र में बांध परियोजना के लंबित बिलों का भुगतान करने के लिए कहा था.

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इसी पत्र की कॉपी को जारी करते हुए किरेन रिजिजू ने सवाल किया है कि क्या ग़रीब आदिवासियों की मदद करना भ्रष्टाचार है?

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रिजिजू के एक रिश्तेदार बताए जा रहे गोबोई रिजिजू ने कथित तौर पर इस परियोजना में ठेके लिए थे.

रिजिजू ने ट्वीट किया, "सभी ठेके और भुगतान कांग्रेस सरकार के दौरान ही किए गए थे. मैंने तो सिर्फ़ एक पत्र को आगे बढ़ाया. निराधार आरोप लगाने के लिए कांग्रेस देश से को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए."

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक नॉर्थ ईस्ट इलेक्ट्रिक पॉवर कार्पोरेशन के मुख्य सतर्कता अधिकारी सतीश वर्मा ने जुलाई 2016 में सीबीआई, केंद्रीय सतर्कता आयोग और ऊर्जा मंत्रालय को भेजी अपनी रिपोर्ट में बांध परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का ज़िक्र किया था.

भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद किरेन रिजिजू सोशल मीडिया में ट्रेंड करने लगे. कांग्रेस के पक्ष में शहज़ाद पूनावाला ने ट्वीट किया, "किरेन रिजीजू पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, क्या प्रधानमंत्री मोदी कार्रवाई करेंगे?"

वहीं टीवी चैनलों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा है- 'जो लोग भ्रष्टाचार की ख़बरें प्लांट कर रहे हैं जनता उन्हें जूतों से पीटेगी.'

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