109 डॉलर पर 71 रूपये लीटर, अब 52 पर 68.94

पेट्रोल पंप इमेज कॉपीरइट DIPTENDU DUTTA/Getty Images

सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने शुक्रवार-शनिवार मध्य रात्रि से पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतें बढ़ा दी हैं.

पेट्रोल की क़ीमत में प्रति लीटर 2.21 रुपये और डीज़ल में 1.79 रुपये का इज़ाफा हुआ है. इसमें राज्यवार स्थानीय कर (लेवी) शामिल नहीं है.

इंडियन ऑयल के मुताबिक़, क़ीमतों में इज़ाफ़े के बाद दिल्ली में प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत 66.10 रुपये से बढ़ कर 68.94 रुपये हो गई है.

कई हलक़ो में ये सवाल उठते रहे हैं कि जब विश्व बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमत जून 2012 में 109 डॉलर प्रति बैरल थी, तो ग्राहकों को पेट्रोल 71.16 रुपये में मिल रहा था.

लेकिन फ़िलहाल जब कच्चा तेल लगभग 52 डॉलर पर मिल रहा है, तो दिल्ली में पेट्रोल 69 (68.94) रुपये से कुछ ही कम दाम पर मिलेगा.

कांग्रेस समर्थक और कई लोग इस मामले को मनमोहन सरकार की जनता को राहत पहुंचाने के सफ़ल कोशिश के तौर पर देखते हैं. साल 2012 में मनमोहन सिंह की सरकार थी.

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तेल की क़ीमतों पर एक नज़र:

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन हर महीने की पहली और 16 तारीख़ को तेल की दरों में संशोधन करते हैं.

पिछले पखवाड़े में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की औसत क़ीमत के आधार पर यह संशोधन किया जाता है.

पीटीआई के मुताबिक़, हाल ही में अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में तेल की क़ीमतों में बढ़ोतरी देखी गई थी, जिसके आधार पर भारतीय बाज़ार में भी क़ीमतों में बढ़ोतरी की गई है.

हालांकि समाचार एजेंसी के मुताबिक़ भारतीय तेल कंपनियों ने शुक्रवार सुबह को दाम बढ़ोतरी की योजना को टालने की बात कही थी.

अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमत:

Image caption साल 2016 की औसत क़ीमत जुलाई, 2016 तक के दाम के आधार पर दी गई है.

ज़रूर पढ़ें: कैसे तय होती है तेल की कीमत?

भारत अपनी ज़रूरत का क़रीब 80 फ़ीसदी कच्चा तेल आयात करता है और अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कच्चे तेल की क़ीमतें साल 2014 के मध्य से लगातार घटती रही हैं. इस बीच भारत में भी कई बार तेल के दाम घटे हैं.

जानिए: क्यों दो साल तक लगातार गिरीं कच्चे तेल की क़ीमतें?

साल 2016 की शुरुआत में कुछ विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि वैश्विक बाज़ार में तेल की क़ीमतों में और गिरावट हो सकती है और शायद यह 20 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच जाए.

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