इंडियन मुजाहिदीन के यासीन भटकल हैं कौन?

इमेज कॉपीरइट AFP

हैदराबाद कोर्ट ने दिलसुखनगर धमाकों के मामले में इंडियन मुजाहिदीन के कथित सह-संस्थापक यासीन भटकल, पाकिस्तानी नागरिक ज़िया उर रहमान और तीन अन्य को फांसी की सजा सुनाई है.

पढ़ें- भटकल गिरफ्तार, मिलेंगे सवालों के जवाब?

21 फ़रवरी वर्ष 2013 में हैदराबाद के दिलसुखनगर में दो धमाके किए गए थे जिसमें 18 लोगों की जान चली गई थी और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. ये दोनों धमाके आईडी के ज़रिए किए गए थे.

पढ़ें- कर्नाटक के भटकल कस्बे की व्यथा

लेकिन यासीन भटकल कौन हैं? इनका असल नाम क्या है और इनके बारे में सुरक्षा एजेंसियों ने क्या जानकारी सार्वजानिक की है?

यासीन भटकल राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल रहे हैं.

इमेज कॉपीरइट AFP

यासीन भटकल को बिहार में नेपाल की सीमा से लगे इलाक़े में अगस्त 2013 में गिरफ़्तार किया गया था.

भटकल उत्तरी कर्नाटक के भटकल गांव के रहने वाले हैं और उनका असली नाम अहमद सिद्दीबप्पा है.

टुंडा कैसे पहुँचे पिलखुआ से पाकिस्तान?

'लश्कर के टुंडा' के खिलाफ़ मामले ऐसे गिरे..

पुलिस को उनकी कई मामलों में तलाश थी जिनमें 2011 का दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर हुआ धमाका भी था. उस धमाके में 12 लोग मारे गए थे.

उन्हें गिरफ़्तार कराने पर 10 लाख रुपए का इनाम रखा गया था.

इमेज कॉपीरइट Imran Qureshi

बीबीसी से बातचीत में सुरक्षा मामलों के विश्लेषक प्रवीण स्वामी ने बताया था कि यासीन भटकल इंजीनियरिंग की डिग्री पढ़ने पुणे गए थे.

जानकारों का कहना है कि इकबाल भटकल के साथ उनकी दोस्ती बनी और उन्होंने ही यासीन को इंडियन मुजाहिद्दीन में शामिल किया.

साल 2005 से भारतीय पुलिस बलों की चार्जशीट में इनका नाम पहली बार आया. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पिछले कई सालों में हुए कई बड़े चरमपंथी हमलों में यासीन का हाथ रहा है.

ये भी आरोप लगा कि इंडियन मुजाहिदीन के संचालकों की भर्ती और उन्हें पैसे पहुंचाने में उनका हाथ रहा.

बटला हास मुठभेड़

यासीन भटकल का क़द इंडियन मुजाहिदीन में दिल्ली के बाटला हाउस एनकाउंटर के पहले बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन उसके बाद बन गया.

पत्रकार प्रवीण स्वामी के अनुसार इंडियन मुजाहिदीन के शीर्ष नेतृत्व में शामिल इक़बाल भटकल, रियाज़ भटकल, अल्ताफ सुभान कुरैशी के बारे में ये कहा जाता रहा है कि ये या तो पाकिस्तान में हैं या किसी और मुल्क में हैं.

यासीन भटकल के ख़िलाफ़ कई मामले चल रहे हैं जिनमें सात सितंबर 2011 को दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर हुआ धमाका शामिल है.

इससे पहले वर्ष 2008 में कोलकाता पुलिस ने भटकल को जाली नोट मामले में गिरफ़्तार किया था, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था.

एनआईए का ये भी आरोप है कि भटकल ने ही पुणे की जर्मन बेकरी में वर्ष 2010 में बम रखा था, इस धमाके में 17 लोग मारे गए थे.

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि इंडियन मुजाहिदीन की कमान पाकिस्तान के चरमपंथी संगठन लश्कर ए तैयबा के हाथों में है.

भटकल बेंगलूर में 2010 में एक क्रिकेट मैच के दौरान स्टेडियम के बाहर हुए विस्फोट में भी मुख्य अभियुक्त हैं.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे