रैली किसी भी पार्टी की हो, सोमवार का दिन नोटबंदी के ही नाम रहा

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उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से लगभग थमी हुई राजनीतिक हलचल सोमवार को एक बार फिर ज़ोर पकड़ती दिखी.

राजधानी लखनऊ से कुछ ही दूर कानपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परिवर्तन रैली को संबोधित कर रहे थे तो क़रीब दो सौ किमी दूर जौनपुर में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी जनाक्रोश रैली की.

रैलियों के नाम अलग-अलग थे, जगह अलग थी, लेकिन मुद्दा नोटबंदी के ही इर्द-गिर्द रहा. हां, प्रधानमंत्री जहां इसके लिए अपनी और सरकार की पीठ ठोंक रहे थे तो राहुल गांधी ने इसे देश के एक फ़ीसदी अमीर लोगों को फ़ायदा पहुंचाने वाला और 99 फ़ीसदी ग़रीब लोगों को नुक़सान पहुंचाने वाला बताया.

नोटबंदी लागू होने के बाद से ही संसद में भले ही विपक्ष मांग करता रहा लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण उसे सुनने को नहीं मिल सका. लेकिन उत्तर प्रदेश में जारी चुनावी रैलियों में प्रधानमंत्री ने इस दौरान कई रैलियों को संबोधित किया और लगभग हर बार नोटबंदी और कालेधन पर क़दम उठाने को अपनी उपलब्धि बताई.

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वैसे तो यूपी में बीजेपी विधान सभा चुनाव में मुख्य रूप से समाजवादी पार्टी को अपना प्रतिद्वंद्वी बताती है लेकिन प्रधानमंत्री ने कानपुर में ख़ासतौर पर कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला. संसद के शीत सत्र के हंगामे की भेंट चढ़ने के मुद्दे पर उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लिया.

प्रधानमंत्री ने कहा, "हमारा एजेंडा भ्रष्टाचार बंद करने का है, लेकिन उनका एजेंडा संसद बंद करने का है.

जिनको बेईमानी की आदत पड़ी है, उनसे अब देश ज़्यादा अपेक्षा नहीं कर सकता."

प्रधानमंत्री ने एक बार फिर वो तमाम बातें दोहराईं जो इससे पहले की रैलियों में कह चुके थे. उन्होंने एक बार फिर दावा किया कि उनकी सरकार ग़रीबों के लिए काम कर रही है लेकिन कुछ लोग इसमें रोड़ा अटका रहे हैं.

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प्रधानमंत्री ने राज्य की समाजवादी सरकार पर भी जमकर हमला किया और सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग गुंडागर्दी को प्रश्रय दे रहे हैं. उन्होंने कहा, "परिवर्तन की आंधी पूरे उत्तर प्रदेश में आई है क्योंकि लोग गुंडागर्दी से तंग आ चुके हैं."

नरेंद्र मोदी ने भले ही अपनी सरकार को ग़रीबों का हितैषी बताया लेकिन सोमवार को ही जौनपुर में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी और बीजेपी सरकार को ग़रीब और किसान विरोधी क़रार दिया.

राहुल गांधी ने कहा, " 8 नवंबर को हुआ नोटबंदी का निर्णय काला धन के ख़िलाफ़ नहीं, गरीबों और किसानों के ख़िलाफ़ था. अमीर लोगों का कर्ज़ा माफ करते हो आप हिंदुस्तान के किसान का कर्ज़ा माफ करो. मैंने मोदी जी को कहा कि किसान का कर्ज़ा माफ करो, उन्होंने सवाल का जवाब नहीं दिया..एक शब्द नहीं बोला."

राहुल गांधी ने कहा कि नोटबंदी का फ़ैसला देश के 99 फ़ीसदी लोगों के ख़िलाफ़ है और महज़ एक फ़ीसदी अमीर लोगों को फ़ायदा पहुंचाने के लिए लिया गया है.

कानपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर भले ही कांग्रेस पार्टी और समाजवादी पार्टी प्रमुख रूप से रहे हों, लेकिन उनके भाषणों पर बहुजन समाज पार्टी ने सबसे पहले और सबसे तीखी प्रतिक्रिया जताई.

एक बयान जारी करके उन्होंने कहा कि मोदी की रैली में भाड़े की भीड़ जुटाई गई थी.

कानपुर में रैली से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के होर्डिंग तोड़े जाने और शहर के ज़्यादातर एटीएम और बैंकों में भरपूर मात्रा में नगदी पहुंचाने की भी जमकर चर्चा रही.

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