नोटबंदी: जेटली ने डिजिटल इकॉनोमी पर बिल गेट्स का हवाला दिया

अरुण जेटली इमेज कॉपीरइट Getty Images
Image caption वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने भाषण में 'कैशलेस' से ज्यादा 'लेसकैश' शब्द का इस्तेमाल किया.

"कैशलेस से हमारा मतलब कभी भी कैश मुक्त अर्थव्यवस्था से नहीं था. इसका मतलब अर्थव्यवस्था में कम कैश की व्यवस्था से था."

यह कहते हुए रविवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नोटबंदी के दौरान इस्तेमाल हुए 'कैशलेस' शब्द का आशय स्पष्ट करने की कोशिश की.

साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्षी दल और मीडिया के कुछ लोग इसे समझने में 'स्लो' रहे हैं.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
'मोबाइल वॉलेट बन सकता है चलता फिरता टाइम बम'

जेटली रविवार को दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में नोटबंदी पर बोल रहे थे.

उन्होंने कहा कि बिल गेट्स ने उनसे कहा था कि भारत में 100 करोड़ लोगों के पास मोबाइल फ़ोन हैं और 109 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड हैं, ऐसे हालात में भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था में अचानक तेज़ी आएगी.

प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा
गुजरात के इस गांव में नोटबंदी का असर नहीं है. जानिए कैसे?

पढ़ें- नोटबंदी का काउंटडाउन

पढ़ें- कैशलेस पेमेंट, लेकिन ज़रा संभल के...

पढ़ें- कैसे बदलती रहीं सरकार की घोषणाएं..

जेटली के भाषण की ख़ास बातें :

  • नोटबंदी का फ़ैसला देश को बेहतर बनाएगा. अर्थव्यवस्था को स्वच्छ बनाएगा.
  • हमारे देश में कभी 1 प्रतिशत आबादी के पास ही फ़ोन हुआ करता था. लेकिन महज़ बीस साल में देश की 90 प्रतिशत आबादी के पास मोबाइल फ़ोन है.
  • आतंकवाद से लेकर कालेधन की समस्या तक, सभी कुछ अर्थव्यवस्था के कैश पर आधारित होने से हुआ.
  • प्रधानमंत्री ने सही कहा था कि नोटबंदी के बाद शुरुआत में थोड़ी समस्या होगी. लेकिन बाद में इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

जानिए- कैशलेस होने के फ़ायदे-नुकसान

रविवार को नीति आयोग के डिजिधन मेले से संबंधित पहला लकी ड्रॉ भी सरकार ने निकाला.

सरकार ने कहा है कि इसके जरिए लोगों में ऑनलाइन पेमेंट करने की चेतना आएगी.

इस मौके पर केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि मोदी सरकार ने 2 साल में इतने मोबाइल फ़ोन और जोड़े हैं, जितनी फ्रांस और इटली की आबादी है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉयड ऐप के लिए यहां क्लिक करें. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे

संबंधित समाचार