परंपरा के नाम पर गुजरात में लुटाए गए नोट!

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नोटबंदी के दौर में जहां एक ओर नोट को लेकर लोग किल्लत का सामना कर रहे हैं वहीं आपको यह सुनकर अजीब लग सकता है कि गुजरात में लोक कलाकारों के ऊपर नोट उड़ाए जा रहे हैं.

गुजरात में लोकगीत के कार्यक्रमों के दौरान कलाकारों पर नोट लुटाने की परंपरा है. लोकगान के इस कार्यक्रम को स्थानीय भाषा में 'डायरो' कहा जाता है.

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ऐसे ही एक कार्यक्रम में शनिवार की रात गुजरात के नवसारी में गायिका फरीदा मीर पर दस और बीस के नोटों की बारिश की गई.

डायरो के दौरान जब तक गाना बंद नहीं होता तब तक नोटो की बारिश होती रहती है.

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डायरो का आयोजन अक्सर शादी और दूसरे त्योहारों के मौके पर किया जाता है.

कई बार स्कूल बनाने और गो रक्षा के लिए फंड जुटाने के नाम पर भी इसका आयोजन किया जाता है.

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हालांकि नोटबंदी के पहले 500 और 1000 के नोट लुटाए जाते थे.

भले ही नोट बदल गए हों लेकिन नोट लुटाने के उत्साह लोगों में बदस्तूर जारी है.

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लेकिन कई लोग इस बात को लेकर अचरज में है कि नोटबंदी के दौर में इतने पैसे उड़ाने के लिए कैसे आए.

पिछले साल जामनगर में हुए डायरो के एक आयोजन में एक रात में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये लुटाए गए थे.

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