झारखंड में खदान धंसी, कई मज़दूर फंसे

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झारखंड के गोड्डा ज़िले में ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) की एक खदान में मिट्टी धंसने के कारण दो दर्जन से अधिक गाड़ियां और उनपर सवार कई लोग दब गए हैं. यह खदान ललमटिया के भोड़ाय गांव में है.

ईसीएल ने राजमहल परियोजना का हिस्सा वाली इस खान को महालक्ष्मी खनन कंपनी को लीज़ पर दे रखा था.

ईसीएल के पूर्व महाप्रबंधक (सेफ्टी व रेस्क्यू) वी के श्रीवास्तव ने हादसे की पुष्टि की. उन्होंने बीबीसी को बताया कि लालमटिया में लैंडस्लाइड के कारण कुछ गाड़ियों के खदान में दब जाने की सूचना मिली है. इस वक्त खदान में फंसे लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है.

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इधर ग्रामीणों ने कहा है कि घटना के वक्त खदान में करीब 40 मजदूर मौजूद थे. इनमें से सिर्फ 2 लोगों को रेस्क्यू कराया जा सका है. इस दुर्घटना में बुरी तरह घायल ओवरमैन हेमनारायण यादव को सबसे पहले रेस्क्यू कराया गया. उन्हें ऊर्जानगर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

गोड्डा के एसपी हरिलाल चौहान ने बीबीसी को बताया कि वहां स्थानीय पुलिस और सीआईएसएफ के जवानों को लगाया गया है. लेकिन, ईसीएल की तरफ से मृतकों की संख्या नहीं बतायी गयी है. लिहाजा, यह बता पाना मुश्किल है कि इसमें कितने लोग हताहत या घायल हुए हैं.

घटनास्थल जा रहे भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ताला मरांडी ने बताया कि उन्हें खदान में 60 से 80 लोगों के दबने की सूचना मिली है और यह बड़ा हादसा है.

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हादसे के बाद घटनास्थल पर सबसे पहले पहुंचे महागामा के विधायक अशोक भगत ने बीबीसी को बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास से इस बारे में बात की है. मुख्यमंत्री ने इलाज में मदद के लिए रांची से हेलिकॉप्टर भेजने का भरोसा दिलाया है.

उन्होंने बताया कि पटना से एनडीआरएफ की टीम रवाना हो चुकी है. लेकिन घने कोहरे के कारण उसे आने में वक्त लगेगा. उन्होंने बताया कि आधी रात के बाद ही घटनास्थल पर प्रकाश की व्यवस्था की जा सकी. उसके पहले वहां घुप्प अंधेरा था.

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अशोक भगत के अनुसार राजमहल परियोजना के पास रेस्क्यू टीम नहीं होने के कारण लोगों को बचाने में कठिनाई हो रही है. उन्होंने कहा कि खदान के नीचे से लोगों की आवाजें आ रही हैं.

इधर कांग्रेस ने इस हादसे के लिए सरकार को ज़िम्मेवार ठहराया है और हादसे के ज़िम्मेवार लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है.

इस बीच मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और गोड्डा के डीसी से बात कर राहत व बचाव कार्यों में पूरी मुस्तैदी बरतने का निर्देश दिया है.

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