बेहद अहम है सपा के लिए आज का दिन

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समाजवादी पार्टी से निकाले जाने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव शनिवार सुबह जहां पार्टी के विधायकों के साथ बैठक करने वाले हैं वहीं प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने पार्टी की ओर से घोषित उम्मीदवारों की बैठक बुलाई है.

शुक्रवार को देर रात तक इस बात के क़यास लगते रहे कि मुख्यमंत्री प्रेस कांफ्रेंस करके कोई बड़ी घोषणा करने वाले हैं लेकिन नौ बजे तक ये स्पष्ट हो गया कि फिलहाल वो शनिवार सुबह तक का इंतज़ार करेंगे.

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इस बीच अखिलेश यादव और रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाले जाने की घोषणा के साथ ही अखिलेश यादव और मुलायम सिंह के घर के बाहर अखिलेश समर्थकों का जमावड़ा लग गया. समर्थकों ने मुलायम सिंह यादव के ख़िलाफ़ भी नारेबाज़ी की और उनके पोस्टरों तक को फाड़ दिया.

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समर्थक रोते-गाते भी मिले और कुछ ने तो आत्मदाह तक करने की कोशिश की, जिसे देखते हुए पूरे इलाक़े में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. समर्थकों का जमावड़ा देर रात तक लगा रहा.

हालांकि अखिलेश यादव ने साफ़तौर पर कहा है कि वो मुख्यमंत्री पद से इस्तीफ़ा देने नहीं जा रहे हैं लेकिन उन्होंने राज्यपाल से भी मिलने का समय मांगा है, ऐसे में जानकारों का ये कहना है कि शायद वो पहले विधायकों के समर्थन का अंदाज़ा लगाना चाहते हैं.

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Image caption अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव

इससे पहले शुक्रवार को देर शाम रामगोपाल यादव और अखिलेश यादव को पहले कारण बताओ नोटिस दिया गया और कुछ देर बाद ही मुलायम सिंह यादव ने प्रेस कांफ्रेंस करके दोनों को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित करने की घोषणा की.

ये कार्रवाई गुरुवार को अखिलेश यादव की ओर से घोषित उम्मीदवारों की लिस्ट के कारण की गई. पार्टी ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया है.

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