चुनाव की तारीख़ों के एलान से 'आप' क्यों परेशान?

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चुनाव आयोग ने पाँच राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा कर दी है.

पंजाब और गोवा में चार फ़रवरी को वोटिंग होनी है.

आम आदमी पार्टी दोनों ही राज्यों में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है और एक ही दिन मतदान का होना पार्टी के गले नहीं उतर रहा है.

आम आदमी पार्टी के सोशल मीडिया प्रमुख अंकित लाल ने ट्वीट किया, "सबसे पहले पंजाब और गोवा में चुनाव. वो भी एक ही साथ. चार फरवरी को. कितना खौफ़ है आम आदमी का."

अंकित लाल को जवाब देते हुए मनोहन राय ने लिखा, "आपको लगता है कि चुनाव आयोग आम आदमी पार्टी से डरता है. जैसा पागल गुरु वैसा मूर्ख चेला."

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लेकिन चुनाव आयोग से जब इस बारे में पत्रकारों ने सवाल पूछा तो चुनाव आयुक्त सैयद नसीम अहमद ज़ैदी ने कहा, "हमने सभी पार्टियों से चर्चा करके चुनाव तिथि घोषित की है."

उन्होंने कहा, "हमें पाँच राज्यों में चुनाव कराने हैं और अपने संसाधनों का सही इस्तेमाल करना है, इसी को ध्यान में रखते हुए ये तिथि घोषित की गईं हैं."

पंजाब में आम आदमी पार्टी पहली बार चुनाव लड़ने जा रही है. आम आदमी पार्टी के आने से पंजाब में चुनावी जंग अब त्रिकोणीय हो गई है. अब तक यह मुक़ाबला कांग्रेस और अकाली-बीजेपी गठबंधन के बीच होता रहा है.

इसके अलावा पार्टी गोवा में भी हाथ आज़मा रही है. वहां उसका सीधा मुक़ाबला भाजपा से होगा.

चुनावी तारीखों के एलान के साथ ही संबंधित राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है. इसके बाद से केंद्र सरकार और राज्य सरकार इन राज्यों के लिए नए स्कीमों की घोषणा नहीं कर सकती है.

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