चुनाव से तीन दिन पहले बजट क्यों?

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Image caption मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम ज़ैदी

भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा है कि चुनाव आयोग जल्द ही चुनाव के दौरान बजट पेश करने के मामले पर अपनी राय देगा.

समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के अनुसार कुछ राजनीतिक दलों ने इस संबंध में चुनाव आयोग को ज्ञापन दिया है. चुनाव आयोग ने कहा है कि वो जल्दी इस बारे में अपनी बात रखेंगे.

चुनाव के दौरान केंद्रीय बजट पेश करने की फ़ैसले की कुछ दलों की ओर से आलोचना हो रही है.

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चुनाव की तारीख़ों के एलान से 'आप' क्यों परेशान?

यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजे 11 मार्च को

आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने ट्वीट कर कहा है, "गोवा और पंजाब के चुनाव से तीन दिन पहले बजट पेश करना ग़लत होगा. चुनाव आयोग को इस मामले में संज्ञान लेना चाहिए."

स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने कहा है, "साल 2012 में चुनाव के बाद बजट पेश किया गया था. इस बार तीन दिन पहले क्यों हो रहा है?

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वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए केंद्रीय बजट इस साल एक फरवरी को पेश होने वाला है और 31 जनवरी से बजट सत्र शुरू करने की सिफारिश की गई है.

चुनाव आयोग ने पाँच राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा की है जो 11 फ़रवरी से लेकर आठ मार्च तक चलने वाला है.

पिछले साल तक केंद्रीय बजट फ़रवरी के आख़िरी दिन से शुरू होता था.

और 11 मार्च को सभी राज्यों के विधानसभा के नतीजों की घोषणा होनी है.

पंजाब और गोवा में चार फ़रवरी को वोटिंग होनी है.

सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर काफी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं.

तुषार (@onlytg_gt) ने ट्वीट किया, "बीजेपी की चुनावी राज्यों मे जीत अब अरुण जेटली के बजट पर निर्भर करती है, जैसा बजट वैसी जीत."

पारितोष चतुर्वेदी (@paritoshchoubey) ने ट्वीट किया, "चुनाव 4 फरवरी से शुरू होंगे ऐसे में 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट क्या आचार संहित का उल्लंघन माना जाएगा?"

सुबोध खंडेलवाल ने फ़ेसबुक पर लिखा, "मुद्दा ये है कि अब बजट का क्या होगा? 5 राज्यों के चुनाव की घोषणा के साथ ही आचार संहिता लागू हो गई है. क्या आचार संहिता लागू होने के बाद केंद्र सरकार बजट प्रस्तुत कर सकती है?

भावो पाटीदार ने फ़ेसबुक पर लिखा, "प्रधानमंत्री के बजट भाषण में जो छूट गया है उसे अरुण जेटली 1 फ़रवरी को पढ़ेंगे. रही बात नोटबंदी से परेशान आमजन की तो सरकार ने उन्हें जुमलों का तोहफ़ा दिया है."

अब्दुल ख़ान ने फ़ेसबुक पर लिखा, "सरकार बजट फरवरी में लाने के लिये उतावली है और रेल बजट उसी में साथ है.....चुनाव बजट के बाद हो रहा है.. बजट मार्च में काहे नहीं आ रहा है कोई समझाये"

सद्दाम अली ने फ़ेसबुक पर लिखा, "मोदी का बजट इस बार 1 फरवरी को पास होगा और 5 पाँच राज्यों के चुनाव 4 फ़रवरी से शुरू होंगे. चलो चुनाव के लिए तो जनता का फायदा करेंगे."

ओम प्रकाश राय (@raiomprakashsh1) ने सवाल किया है, "पंजाब और गोवा पोलिंग से 3 दिन पुर्व केंद्रीय बजट देना कितना उचित?"

विनोद व्यास (@VyasVinodk) ने ट्वीट किया, "अगर बजट 1 फ़रवरी को नहीं तो आख़िर कब पेश होगा ऐसे तो 11 मार्च तक नहीं कर सकते जो की प्रैक्टिकली भी संभव नहीं है."

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