कानपुर के पास क्यों हो रहे हैं रेल हादसे?

इमेज कॉपीरइट Rohit Ghosh

पिछले साल दिसम्बर की 28 तारीख़, कानपुर से 80 किमी दूर रूरा तहसील में सियालदह - अजमेर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गये जिसके कारण 100 से ज्यादा यात्री ज़ख्मी हो गए.

दुर्घटना का कारण चटकी हुई पटरी बताई गई. आईआईटी (कानपुर) के प्रिंसिपल सॉफ्टवेयर इंजीनियर (कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग) बीएम शुक्ला ने टूटी हुई पटरी की जांच की तो पाया कि पटरी को काटा गया था.

क्या भारत में रेल हादसा कभी रुकेगा?

भारत में अब तक हुए बड़े रेल हादसे

उनका कहना था, "पटरी को जिस जगह से काटा गया है वहां जंग लगा हुआ है. इसका मतलब है कि पटरी को काफ़ी दिनों पहले काटा गया था. कितने दिनों पहले काटा गया था ये और जांच के बाद ही पता चलेगा.''

इमेज कॉपीरइट Rohit Ghosh

शुक्ला ने बताया कि रेल की पटरी को काटना किसी आम आदमी के लिए आसान काम नहीं है.

उन्होंने जानकारी दी, "पटरी दो मिलीमीटर के लगभग काटी गयी थी. उतना काटना आसान नहीं है. ये साफ़ है कि आधुनिक औज़ारों से उस व्यक्ति या उन व्यक्तियों ने ये काम किया था जिन्हें इसकी जानकारी थी या जो अभ्यस्त हों."

शुक्ला ने कहा की अब पुलिस का काम है कि वह पता लगाए कि पटरी किसने और क्यों काटी.

इमेज कॉपीरइट Rohit Ghosh

उनका कहना था ये साजिश है या कोई और कारण ये मैं नहीं बता सकता. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया, "ये बात साफ़ है की बीते कुछ समय में पटरियों के चटके होने की वजह से काफी ट्रेन हादसे हुए हैं."

रूरा हावड़ा-दिल्ली मार्ग में पड़ता है. 20 नवम्बर को कानपुर के पास ही पुखरायां में इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गए जिसकी वजह से कम से कम 150 लोगों की मौत हो गयी थी.

मध्य प्रदेश, दक्षिण और पश्चिम भारत को जोड़ने वाली सभी गाड़ियां पुखरायां से गुज़रती हैं.

इमेज कॉपीरइट Rohit Ghosh

शुरुआती जांच के बाद टूटी हुयी पटरी ही पुखरायां में हुए रेल हादसे का कारण दिख रहा है.

शुक्ला ने अपनी जांच ख़त्म ही की थी की कानपुर में ही बीते शनिवार और रविवार की दरमियानी रात रेलवे के दो कर्मचारियों को गश्त के दौरान एक ऐसी आवाज़ सुनायी दी कि लगा कोई पटरी काट रहा है.

इमेज कॉपीरइट Rohit Ghosh

ये घटना कानपुर शहर से 20 किमी दूर मंधना की थी. जब टॉर्च लेकर रेल कर्मचारी रामराज और संजीव उस आवाज़ की दिशा में बढ़े तो उन्होंने देखा कुछ लोग वहां से भाग रहे हैं.

घटना स्थल से एक आरी और पटरियों को जोड़ने वाले फिशप्लेट और बोल्ट खुले पाए गए. पटरी को क़रीब एक मिलीमीटर तक काटा जा चुका था.

कानपुर के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सचिन्द्र पटेल ने बीबीसी से कहा, "घटना गंभीर है. हर बिंदु की जांच होगी. उन लोगों को पकड़ने की कोशिश की जा रही है जिन्होंने पटरी काटने की कोशिश की."

पुलिस सूत्रों के अनुसार उत्तर प्रदेश पुलिस का आतंक निरोधक दस्ता (एटीएस ) भी हरकत में आ गया है. सूत्रों के अनुसार एटीएस करीब 15 लोगों से गहन पूछताछ कर रही है.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

मिलते-जुलते मुद्दे