उर्दू प्रेस: आज़ादी के नारों पर गोलियां बद करो

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Image caption पाकिस्तानी पीएम नवाज़ शरीफ

पाकिस्तान के उर्दू अख़बारों में पनामा पेपर्स और भारत-पाक संबंध से जुड़ी ख़बरें छाई रहीं. भारतीय अख़बारों में उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी की आपसी कलह और पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा से जुड़ी ख़बरों ने सुर्ख़ियां बटोरीं.

पहले बात पाकिस्तान से छपने वाले उर्दू अख़बारों की. पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत प्रशासित कश्मीर पर अपना हक़ जताते हुए कहा है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों के ख़राब होने की सबसे बड़ी वजह यही है.

अख़बार जंग ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के एक बयान का हवाला दिया है जो उन्होंने राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के दौरान दिया था.

अख़बार के मुताबिक़ नवाज़ शरीफ़ का कहना था, ''कश्मीर पाकिस्तान की पहचान का एक हिस्सा है और भारत से मतभेद की असल वजह. उसे जलता नहीं देख सकते. भारत कश्मीरियों पर ज़ुल्म करना बंद करे.''

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Image caption नरेंद्र मोदी और नवाज़ शरीफ

उन्होंने आगे कहा कि पाकिस्तानी अवाम, संसद और यहां की सरकार कश्मीरी भाइयों का समर्थन जारी रखेगी. उन्होंने भारत को चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि अब बहुत हो चुका और आज़ादी के नारों को गोलियों से नहीं दबाया जा सकता.

पाकिस्तानी सेना ने भारत के सर्जिकल स्ट्राइक के दावों को एक बार फिर ख़ारिज कर दिया है. भारत के नए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने भारत के एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि सर्जिकल स्ट्राइक करने का असल उद्देश्य पाकिस्तान को एक संदेश देना था और ज़रूरत पड़ने पर भारत आगे भी ऐसा कर सकता है.

इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल क़मर जावेद बाजवा ने कहा कि भारत के किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा. अख़बार नवा-ए-वक़्त लिखता है, ''भारतीय सेना की तरफ़ से अगर कोई भी कार्रवाई की गई तो पाकिस्तानी फ़ौज मुंह तोड़ जवाब देगी. भारतीय सेनाप्रमुख सर्जिकल स्ट्राइक का दावा करके ख़ुद को धोखा दे रहे हैं.''

अमरीका के फ़्लोरिडा में हवाई अड्डे पर फ़ायरिंग करने वाले व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा है कि अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए ने उसे ख़ुद को इस्लामिक स्टेट कहने वाले चरमपंथी संगठन की तरफ़ से लड़ने के लिए दबाव डाला था.

पाकिस्तानी उर्दू अख़बारों में ये ख़बर भी प्रमुखता से छपी है.

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Image caption नए आर्मी चीफ़ बिपिन रावत

अख़बार जंग ने अमरीकी मीडिया का हवाला देते हुए लिखा है कि हवाई अडडे पर गोलीबारी कर पांच लोगों की जान लेने वाला 28 साल का स्टीवान सेंटियागो अमरीकी सेना में रह चुका है और उसे इराक़ में भी तैनात किया गया था.

अख़बार के मुताबिक़ जब सेंटियागो को गिरफ़्तार किया गया तब उसके पास से सेना का पहचान पत्र भी मिला था. लेकिन अधिकारियों का कहना है कि वो एक यात्री था जिसने अपने सामान में बंदूक़ और गोलियों को साथ लाया था और लैंड करने के बाद उसने उसी हथियार से फ़ायरिंग कर दी जिसके नतीजे में पांच लोग मारे गए.

पाकिस्तान तरहीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के अध्यक्ष इमरान ख़ान ने कहा है कि इसी साल चुनाव होंगे. रोज़नामा दुनिया के अनुसार इमरान ख़ान का कहना था, ''चुनाव इसी साल होंगे. हमने तैयारी शुरू कर दी है. पनामा केस के बाद हम टिकटों का ऐलान करेंगे.''

पाकिस्तान में भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए एक कड़ा क़ानून बनाया गया है.

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Image caption पाकिस्तानी उर्दू अख़बारों में कश्मीर अहम मुद्दा

रोज़नामा ख़बरें के अनुसार पाकिस्तान राष्ट्रपति ममनून हुसैन ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए लाए गए ऑर्डिनेंस को अपनी मंज़ूरी दे दी है. इसे संसद में पास कराने के बाद क़ानूनी शक्ल दे दी जाएगी. इस क़ानून के तहत भ्रष्टाचार में दोषी पाए गए किसी भी व्यक्ति पर ज़िंदगी भर चुनाव लड़ने पर पाबंदी लग जाएगी.

भारत से छपने वाले उर्दू अख़बारों की बात करें तो उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के अंदर चल रही आपसी लड़ाई और पांच राज्यों में होने वाले चुनाव ही सबसे अहम ख़बर रहे. राष्ट्रीय सहारा ने लिखा है कि अब चुनाव आयोग में ही हल होगा समाजवादी पार्टी का मसला.

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Image caption 'कश्मीर सुलझाए बिना शांति नहीं'

अखिलेश यादव गुट ने शनिवार को चुनाव आयोग में तमाम दस्तावेज़ देकर ये दावा किया है कि असली समाजवादी पार्टी वहीं हैं और इस कारण समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह साइकिल उनके गुट को ही मिलना चाहिए.

हिंदुस्तान एक्सप्रेस ने लिखा है कि बीएसपी प्रमुख मायावती के लिए नोटबंदी और मोदी सरकार की कथित वादा खिलाफ़ी सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा होगा.

रोज़नामा इंक़लाब ने लिखा है कि यूपी से बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने मुसलमानों के ख़िलाफ़ कथित तौर पर ज़हर उगला था जिस कारण उनके ख़िलाफ़ केस दर्ज हो गया है.

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