प्रेस रिव्यू: प्रधानमंत्री मोदी की बीए डिग्री की जांच

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Image caption मोदी ने साल 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान वाराणसी के उम्मीदवार के बतौर जो हलफ़नामा दाख़िल किया था, उसमें जानकारी दी थी कि साल 1978 में उन्होंने दिल्ली यूनवर्सिटी से बैचलर ऑफ़ आर्ट्स की डिग्री हासिल की थी.

'हिंदुस्तान टाइम्स' में छपी एक ख़बर के अनुसार केंद्रीय सूचना कमीशन ने दिल्ली विश्वविद्यालय को आदेश दिया है कि वो साल 1978 में बीए की डिग्री लेने वाले सभी छात्रों के रिकॉर्ड्स की जांच करने की इजाज़त दे.

इसी साल प्रधानमंत्री मोदी ने भी दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए की परीक्षा पास की थी.

कमीशन ने इस साल परीक्षा बीए की डिग्री लेने वाले सभी छात्रों के नाम, रोल नंबर, पिता का नाम, कितने नंबर मिले इसकी जानकारी मुफ़्त में उपलब्ध कराने के लिए कहा है.

कमीशन ने विश्वविद्यालय के सूचना अधिकारी के उस उत्तर को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने इसे थर्ड पार्टी जानकारी बताते हुए इसे उपलब्ध कराने इंकार कर दिया था.

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नरेंद्र मोदी की डिग्री का ब्यौरा दे पीएमओ: सीआईसी

'क्यों छिपाई जा रही है मोदी की डिग्री'

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अख़बार में छपी एक अन्य ख़बर के मुताबिक़ साल 2015 और 2016 के दिल्ली में होने वाले अपराधों के आंकड़ों से पता चलता है कि कार चोरी और घरों को तोड़ कर चोरी के मामलों को सुलझाने में पुलिस की सफलता की दर काफी कम है.

बीते दो सालों में दिल्ली में 67,000 से अधिक कारों की चोरी हुई है लेकिन पुलिस इनमें से केवल 5782 कारें ही बरामद कर पाई है.

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'जनसत्ता' के अनुसार सरकार सेना के स्वरूप में बदलाव लाने की कवायद कर रही है. इसका उद्देश्य खर्च में कटौती करना और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम इस्तेमाल करना.

इस बारे में सुझावों की फाइल पर पीएम मोदी से बात कर रक्षा मंत्री जल्द ही उस पर मुहर लगाने वाले हैं. इस संबंध में होने वाली बैठक में जो बातें हो सकती हैं इनमें ख़ास है जवानों की सेवा अवधि को दो साल तक के लिए बढ़ाना, ग़ैर लड़ाकू विभागों के कुछ काम निजी कंपनियों को सौंपना और पशुपालन इकाईयों को बंद करना शामिल है.

साथ ही तीनों सेनाध्यक्षों से वरिष्ठ एक नया पद बनाने पर भी बात हो सकती है.

Image caption असगर अली

'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी एक ख़बर के अनुसार भारत के सबसे बुज़ुर्ग वोटर माने जाने वाले असगर अली की मौत हो गई है.

अख़बार के अनुसार उनके भाई शाह जहान ने बताया है कि उनकी मौत कल सुबह 5 बजे हुई. वो खुश थे कि वो मौत से पहले भारतीय नागरिक बन सके.

1913 में जन्मे असगर अली भारत में बांलादेश इंक्लेव में रहने वाले क़रीब 9700 लोगों में से एक थे. उन्होंने बीते साल ही भारत और बांग्लादेश के बीच ज़मीन के आदान प्रदान के लिए हुई संधि के अंतर्गत भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया था.

बीते साल पहली बार उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वोट डाला था.

अभी नागरिक तो नहीं बने, पर वोट डालेंगे

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अभिनेता ओम पुरी अपनी संपत्ति बेच कर अमरीका जाने की तैयारी कर ली थी. ये ख़बर छापी है 'दैनिक भास्कर' ने.

अख़बार ने सूत्रों के हवाले से ख़बर छापी है कि है उन्होंने एक क़रीबी से अपनी संपत्ति का असेसमेंट यानी कीमत की जांच करा ली थी और फ्लोरिडा में बसने का मन बना लिया था.

अख़बार ने बताया है कि उड़ी हमले में शहीद हुए एक जवान पर दिए गए अपने बयान पर हुई आलोचना से वो शर्मिंदा थे.

ऐसे गुज़री ओम पुरी की आख़िरी शाम

'ओम पुरी जैसे कलाकार कम हुए'

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