प्रेस रिव्यू: रेल किरायों में हो सकती है बढ़ोतरी

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अख़बार 'हिंदुस्तान टाइम्स' में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार यात्री रेल किरायों में बढ़ोतरी हो कहती है.

रिपोर्ट के अनुसार इस साल जून तक सरकार रेल विकास प्राधिकरण के नाम से एक स्वतंत्र रेलवे नियामक का गठन कर सकती है.

यह नियामक यात्री भाड़े और माल भाड़े में बदलाव करने संबंधी सुझाव देगी. ये सुझाव रेलवे के डायरेक्ट और इनडायरेक्ट ख़र्चे जैसे कि पेंशन, कर्ज़ और बाज़ार की और ताक़तों के आधार पर दिए जाएंगे.

रिपोर्ट के अनुसार फ़िलहाल रेल राजस्व का 67 फ़ीसदी हिस्सा माल भाड़े से आता है जबकि केवल 27 फ़ीसदी आय यात्री भाड़े से होती है.

रेलवे माल भाड़े से कमाए अपने लाभ से यात्री भाड़े में सब्सिडी देता है.

अख़बार के अनुसार एक अधिकारी का कहना है कि सरकार लंबे वक्त से रेल किराये तय करने संबंधी फ़ैसलों को राजनीति से अलग रखना चाहती थी और हो सकता है कि इस प्रस्ताव को इसी महीने कैबिनेट की मंज़ूरी मिल जाए.

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'इंडियन एक्सप्रेस' में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार नोटबंदी का असर गाड़ियों की बिक्री पर भी पड़ा है.

मोदी सरकार के नोटबंदी के फ़ैसले के बाद लोगों ने कार, मोटरसाइकिल और ट्रक ख़रीदने के अपने फ़ैसले को टाल दिया जिसके कारण उनकी बिक्री में कमी आई है.

अख़बार के अनुसार आंकड़े बताते हैं कि दिसंबर 2015 में जहां क़रीब 15 लाख 2 हज़ार गाड़ियों की बिक्री हुई थी, दिसंबर 2016 में 12 लाख 21 हज़ार गाड़ियों बिकीं, जो पिछले साल के मुक़ाबले 19 फीसदी कम है. साल 2000 के बाद से यानी बीते 16 सालों में यह सबसे कम है.

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'एशियन एज' में छपी एक ख़बर के अनुसार केंद्रीय मंत्री वेंकेया नायडू ने कहा है कि उन्हें निजी तौर पर सांड को क़ाबू करने के खेल जल्लीकट्टू पर कोई एतराज़ नहीं है. लेकिन जल्लीकट्टू पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का सम्मान किया जाना चाहिए.

उनका कहना है कि जल्लीकट्टू तमिलनाडू का पारंपरिक खेल है और इस पर किसी को कोई एतराज़ नहीं होना चाहिए लेकिन जब इस पर कोर्ट ने अपना फ़ैसला दिया है तो एक मंत्री हो कर मैं उसके विरूद्ध नहीं जा सकता.

जल्लीकट्टू पारंपरिक त्योहार पोंगल के दौरान खेला जाता है और सुप्रीम कोर्ट ने इसपर बैन लगा दिया है.

केंद्र सरकार ने पाबंदी हटाने के लिए अधिसूचना जारी की थी जिसे सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है.

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'जनसत्ता' में छपी एक ख़बर के अनुसार चुनाव आयोग ने कहा है जिन पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं वहां नेताओं और राजनीतिक पार्टियों के विज्ञापन वाले होर्डिंग्स और वो सभी होर्डिंग्स जिनमें किसी राजनीतिक पदाधिकारी और दल की उपलब्धियों को गिनाया गया है उन्हें या तो ढक दिया जाए या फिर उन्हें हटा लिया जाए.

वो होर्डिंग जिनमें नेताओं की तस्वीरें या नाम या पार्टी का चुनाव चिन्ह हो उन्हें भी हटा लिया जाए या ढक दिया जाए.

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'जनसत्ता' में ही छपी एक अन्य ख़बर के अनुसार नोटबंदी के बाद बैंकों में जमा की गई राशि की जांच पड़ताल में सरकार को क़रीब 3 से 4 लाख करोड़ रुपये की रक़म के काला धन होने का अंदेशा है.

छपी रिपोर्ट के अनुसार यह राशि नोटबंदी के बाद 500 और 1000 रुपये के पुराने नोट जमा कराने की 50 दिन की अवधि में जमा कराई गई थी. आयकर विभाग की शुरुआती जांच पड़ताल के बाद 3 से 4 लाख करोड़ रुपये की रकम संदिग्ध होने के संकेत मिल रहे हैं.

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याहू बदल गया है और इसका नाम हो गया है अलटाबा. ये ख़बर पहले पन्ने पर छापी है 'दैनिक जागरण' ने.

अख़बार का कहना है कि इंटरनेट की दुनिया का बादशाह रहा याहू आने वाले दिनों में इसी नाम से जाना जाएगा.

कंपनी ने 9 जनवरी को अपने बयान में यह जानकारी दी है.

कंपनी का कहना है कि दिग्गज अमरीकी टेलीकॉम कंपनी वेरिज़ोन से सौदा पूरा होने के बाद कंपनी का शेष बचा कारोबार अलटाबा के नाम से जाना जाएगा.

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